कंडवाल-कफूली मोटर मार्ग में ₹16 करोड़ के घोटाले का आरोप, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने मांगी उच्चस्तरीय जांच

देहरादून। चमोली जिले की थराली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत स्वीकृत कंडवाल गांव से कफूली मल्ला (चरण-1 एवं चरण-2) मोटर मार्ग के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सड़क परियोजना का भुगतान पूरा कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ताहीन है।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि परियोजना में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मोटर मार्ग के अधिकांश हिस्से में निर्माण कार्य नहीं हुआ, जबकि संबंधित अधिकारियों द्वारा परियोजना को पूर्ण दर्शाते हुए रिपोर्ट भेजी गई। सेमवाल ने आरोप लगाया कि कनिष्ठ अभियंता (JE), सहायक अभियंता (AE) और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से ठेकेदार को भुगतान किया गया।
उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए तथा परियोजना से संबंधित सभी सरकारी अभिलेख, मापन पुस्तिकाएं (Measurement Book) और भुगतान संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए सील किए जाएं।
प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से निर्माण स्थल पर कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। उनका आरोप है कि क्षेत्रीय जनता द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
पार्टी के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश इष्टवाल ने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे को पत्र भेजकर विशेष भौतिक एवं वित्तीय ऑडिट (Physical-Financial Audit) कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना पर हुए खर्च और धरातल पर किए गए कार्य का मिलान कराया जाना चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वहीं, जिला सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल, पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश इष्टवाल, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष शशि रावत, सुरेंद्र सिंह चौहान एवं गिरीश भद्री सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पार्टी की प्रमुख मांगें:
परियोजना से संबंधित सभी सरकारी फाइलें, एमबी और बिल तत्काल सील किए जाएं।
भुगतान और वास्तविक कार्य के मिलान के लिए विशेष भौतिक एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए।




