मसूरी-देहरादून मार्ग पर रात में वाहनों की आवाजाही पर रोक, भूस्खलन के चलते प्रशासन का बड़ा फैसला

देहरादून: लगातार हो रही बारिश और पानी बैंड क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मसूरी-देहरादून मार्ग पर रात के समय वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब इस मार्ग पर रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक केवल आवश्यक सेवाओं और विशेष परिस्थितियों में ही वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने यह निर्णय पानी बैंड के पास सड़क धंसने और लगातार मलबा आने की घटनाओं के बाद लिया है। गुरुवार को एसडीएम राहुल आनंद ने मसूरी और राजपुर थाना पुलिस को निर्देश दिए कि सुरक्षा के मद्देनजर रात के समय मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित रखा जाए और आपदा की स्थिति को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए।
पानी बैंड क्षेत्र बना संवेदनशील
लगातार बारिश के कारण कुछ दिन पहले पानी बैंड के पास सड़क का आधा हिस्सा धंस गया था। सड़क पर दरारें आने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बैक कटिंग कर मार्ग को अस्थायी रूप से यातायात के लिए सुचारु किया, लेकिन बुधवार शाम को एक बार फिर क्षेत्र में मलबा आने से खतरा बढ़ गया।
लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर प्रदीप शाही ने बताया कि देहरादून-मसूरी मार्ग फिलहाल हल्के वाहनों के लिए खुला है, जबकि किमाड़ी मार्ग अभी भी बंद है और उसे खोलने का कार्य जारी है।
टेंपो ट्रैवलर सेवा शुरू, बसें अभी भी बंद
तीन दिनों के लंबे इंतजार के बाद रोडवेज ने गुरुवार से देहरादून-मसूरी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत मिली है।
मंडलीय प्रबंधक सुरेश चौहान ने बताया कि बड़े वाहनों की आवाजाही अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, इसलिए रोडवेज बस सेवा फिलहाल शुरू नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि रोडवेज बस का किराया 80 रुपये प्रति यात्री है, जबकि टेंपो ट्रैवलर का किराया 105 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है।
जीरो प्वाइंट के पास खाई में गिरे व्यक्ति को बचाया
इधर, मसूरी के जीरो प्वाइंट के पास गुरुवार दोपहर एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलने पर फायर सर्विस और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल को सुरक्षित बाहर निकाला।
फायर विभाग के अधिकारी धीरज सिंह तड़ियाल ने बताया कि घायल की पहचान कुंदन लाल (45) निवासी बंसुल, टिहरी गढ़वाल (हाल निवासी कैंपटी) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें उप जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।




