उत्तराखण्ड

बाघ शिकार मामले का मास्टरमाइंड आमिर हमजा पहुंचा कोर्ट, सरेंडर के बाद वन विभाग सख्त

हरिद्वार: बाघ शिकार मामले में फरार चल रहा मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कोर्ट में सरेंडर करने में सफल रहा। आरोपी ने 25 मई को रोशनाबाद स्थित न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।

सूचना के अनुसार, जैसे ही आमिर हमजा कोर्ट परिसर पहुंचा, वन विभाग की टीम पहले से ही वहां सादे कपड़ों में तैनात थी। आरोपी को वकील के चैंबर में पकड़ने की कोशिश भी की गई, लेकिन वकीलों ने हस्तक्षेप करते हुए वन विभाग की टीम को रोक दिया। इसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बनी और अंततः आमिर हमजा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

18 मई से फरार था मुख्य आरोपी

गौरतलब है कि हरिद्वार के श्यामपुर रेंज स्थित सजनपुर बीट में दो बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारने का मामला सामने आया था। इस घटना में वन विभाग ने पहले ही आलम उर्फ फम्मी, आशिक, जुप्पी और यूसुफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां लगातार फरार चल रहा था।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने वकील के माध्यम से न्यायालय में सरेंडर अर्जी दाखिल की थी। पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

बाघों की हत्या में अहम भूमिका का आरोप

वन विभाग के अनुसार, आमिर हमजा इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोप है कि उसी ने जहर मिलाकर भैंस के शव को जंगल में रखा था, जिसके बाद बाघों की मौत हुई। इतना ही नहीं, घटना के बाद बाघों के अंग काटने में भी उसकी भूमिका बताई जा रही है। हालांकि, इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य महत्वपूर्ण सबूत अभी तक बरामद नहीं हुए हैं।

वन विभाग रिमांड की तैयारी में

डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है और अब वन विभाग उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहा है। रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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