हरिद्वार की धार्मिक परंपराओं पर कथित टिप्पणी से विवाद, तीर्थ पुरोहितों ने जताई कड़ी आपत्ति

हरिद्वार: हरिद्वार के धार्मिक महत्व और यहां होने वाले अस्थि विसर्जन संस्कार को लेकर एक कथावाचक के कथित बयान पर तीर्थनगरी में विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथावाचक द्वारा हरिद्वार और अस्थि विसर्जन की परंपरा को लेकर की गई टिप्पणी पर तीर्थ पुरोहितों और धार्मिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
वायरल वीडियो में कथावाचक यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि हरिद्वार अस्थि विसर्जन के लिए नहीं, बल्कि चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि हरिद्वार में केवल एक घाट पर अस्थि विसर्जन होता है, जहां गंगा में लोहे का जाल लगाया गया है और बाद में एकत्रित अस्थियों को किसी फैक्ट्री में बेच दिया जाता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इस बयान को धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए आपत्ति जताई है।
गंगा सभा ने बयान को बताया निंदनीय
श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कथित बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हरिद्वार की सनातन परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि आजकल हरिद्वार और यहां की धार्मिक गतिविधियों को लेकर भ्रामक बातें फैलाने का चलन बढ़ता जा रहा है। बिना तथ्यों की जानकारी के ऐसे बयान देना न केवल हरिद्वार बल्कि पूरी देवभूमि उत्तराखंड का अपमान है।
धार्मिक महत्व की जानकारी के बिना दिया गया बयान: गंगा सभा
तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि वीडियो में जिस प्रकार की बातें कही गई हैं, उससे प्रतीत होता है कि संबंधित व्यक्ति को हरिद्वार के धार्मिक इतिहास और महत्व की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को तीर्थों और धार्मिक परंपराओं का ज्ञान नहीं है तो उसे ऐसे विषयों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
गंगा सभा और तीर्थ पुरोहितों ने स्पष्ट किया है कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित कथावाचक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
विवादित वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई धार्मिक संगठनों और संत समाज से जुड़े लोगों ने हरिद्वार की परंपराओं को लेकर दिए गए कथित बयान की आलोचना की है। उनका कहना है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार में धार्मिक संस्कारों और आस्था के साथ पहुंचते हैं, ऐसे में भ्रामक और विवादित दावों से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।




