उत्तराखण्ड

“छात्रों की भावना सबसे ऊपर” – धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर महेंद्र भट्ट का बयान

देहरादून : NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड भाजपा ने इसे छात्र हित में उठाया गया कदम बताया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि मोदी सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह कठिन फैसला लिया है।

 

महेंद्र भट्ट ने शुक्रवार को कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी दबाव में नहीं दिया गया। यह फैसला पूरी तरह छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की पहचान ही जवाबदेही और संवेदनशीलता रही है।

 

आंदोलन को लेकर क्या कहा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले में आंदोलन के नाम पर छात्रों को गुमराह किया गया। तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाया गया। इसका असर सिर्फ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर ही नहीं, बल्कि उन लाखों अभ्यर्थियों पर भी पड़ा जो घर बैठे इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे थे।

 

उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से इस मामले को गंभीरता से लिया। CBI जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई और आगे CBT मोड की घोषणा की। इसके बावजूद जब असंतोष बना रहा तो सरकार ने जनभावना को प्राथमिकता देते हुए नैतिक जिम्मेदारी का रास्ता चुना।

 

“दुष्परिणाम तब होते हैं जब बात सही से न पहुंचे”

महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार की नीयत हमेशा युवाओं के हित में रही है। लेकिन कई बार संवाद की कमी के कारण दुष्परिणाम सामने आ जाते हैं। कुछ राजनीतिक दलों ने इस संवेदनशील मुद्दे को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की, जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी।

 

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो व्यक्तिगत तौर पर कठिन होते हैं, लेकिन बड़े हित में जरूरी होते हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने भी इसी भावना के साथ इस्तीफा देकर उदाहरण पेश किया है।

 

सरकार का संदेश

महेंद्र भट्ट के अनुसार इस इस्तीफे के जरिए सरकार ने यह संदेश दिया है कि वह छात्रों की बात सुनती है। अगर कहीं व्यापक नाराजगी दिखती है तो सरकार समाधान निकालने से पीछे नहीं हटती।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि शिक्षा और परीक्षा जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहे। इसी के लिए 2027 से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित करने का फैसला भी लिया गया है।

 

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