उत्तराखण्ड

जंगल की आग ने ली दो लोगों की जान, महिला और अग्नि प्रहरी की दर्दनाक मौत

उत्तराखंड: उत्तराखंड में जंगलों में धधक रही आग अब जानलेवा साबित होने लगी है। टिहरी और चमोली जनपद में आग बुझाने के दौरान दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटनाओं के बाद दोनों क्षेत्रों में शोक का माहौल है।

टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत पैंडुला में जंगल की आग की चपेट में आने से 50 वर्षीय महिला अंजू देवी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला अपने घर की ओर बढ़ रही जंगल की आग को बुझाने के लिए घर से करीब 150 मीटर दूर जंगल की तरफ गई थी। आग बुझाने के दौरान वह गंभीर रूप से झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

गांव के पूर्व प्रधान सुनील कुकसाल के अनुसार देर रात तक महिला के घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद घटना का पता चला।

वहीं दूसरी घटना चमोली जनपद में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप बेड़ूबगढ़ बिरही क्षेत्र में सामने आई। यहां चीड़ के जंगल में लगी आग बुझाने गए अग्नि प्रहरी राजेंद्र सिंह नेगी की खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक पाखी जलगवाड़ गांव का निवासी था।

बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने बताया कि बुधवार दोपहर जंगल में आग भड़कने के बाद 15 कर्मियों की टीम आग बुझाने के लिए भेजी गई थी। शाम तक अधिकांश कर्मी वापस लौट आए, लेकिन राजेंद्र सिंह लापता हो गया।

सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रात में खोज अभियान चलाया। जंगल में उसका मोबाइल फोन मिला, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह दोबारा तलाश शुरू की गई, तब राजेंद्र सिंह का शव करीब 70 मीटर गहरी खाई में मिला। उसका शरीर आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था।

वन विभाग का अनुमान है कि आग बुझाने के दौरान वह चट्टान से फिसलकर खाई में गिर गया। घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने सरकार से प्रभावित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

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