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पीएम मोदी 14 अप्रैल को देंगे 6200 करोड़ की रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना की सौगात

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल को देहरादून दौरे के दौरान राजधानी को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और टिहरी जल विद्युत परियोजना के पंपिंग हाउस का लोकार्पण करेंगे। साथ ही बहुप्रतीक्षित रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना का शिलान्यास भी करेंगे।

करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर शिलान्यास से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 26 किलोमीटर लंबा होगा।बिंदाल नदी पर करीब 14 किलोमीटर और रिस्पना नदी पर लगभग 12 किलोमीटर।

परियोजना के तहत फोरलेन मार्ग विकसित किया जाएगा। इसका रूट कारगी से शुरू होकर ब्राह्मणवाला, निरंजनपुर, विजयपुर, जाखन होते हुए मसूरी रोड के मालसी क्षेत्र तक जाएगा।

परियोजना को 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

30 मिनट का सफर 10-12 मिनट में

परियोजना पूरी होने पर शहर के भीतर आधे घंटे तक लगने वाला सफर महज 10 से 12 मिनट में पूरा होने की संभावना है।विशेष रूप से घंटाघर, बल्लूपुर, राजपुर रोड, सहारनपुर रोड और आईएसबीटी क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उठाया था जाम का मुद्दा

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान देहरादून के बढ़ते यातायात जाम का मुद्दा उठाया था। इसी बैठक में रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना पर भी चर्चा हुई थी।

क्यों खास है यह परियोजना?

रोजाना जाम से जूझते शहर को मिलेगा वैकल्पिक तेज मार्ग

मसूरी और बाहरी रूट का दबाव होगा कम

व्यापार, पर्यटन और आपात सेवाओं को मिलेगा लाभ

दीर्घकालिक यातायात समाधान की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल, मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है।

यह परियोजना केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि देहरादून की भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया दीर्घकालिक समाधान मानी जा रही है।

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