उत्तराखण्ड

अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य में भीषण आग, 24 घंटे से धधक रहे जंगल

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ स्थित अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य के जंगलों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया है। पिछले करीब 24 घंटे से जंगलों में आग धधक रही है और कई हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है।

कोली कन्याल क्षेत्र में भड़की आग

अभयारण्य के अंतर्गत कोली कन्याल क्षेत्र में रविवार को लगी आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। चीड़ और बांज के घने जंगलों में तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैलती जा रही है। पहाड़ियों से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रहा है।

स्थानीय निवासी गुड्डू परिहार के अनुसार शनिवार शाम से ही जंगल में आग लगी हुई है, जो लगातार बढ़ती जा रही है।

दुर्लभ वन्यजीवों पर संकट

अस्कोट अभयारण्य खास तौर पर राज्यीय पशु और दुर्लभ कस्तूरी मृग के संरक्षण के लिए जाना जाता है। इसके अलावा यहां हिम तेंदुआ, भालू और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। आग से वन संपदा के साथ-साथ इन वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।

दुर्गम इलाके में राहत कार्य चुनौतीपूर्ण

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। वन क्षेत्राधिकारी पूरन सिंह देउपा के अनुसार दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई आ रही है। टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हैं।

बाराकोट में भी जंगलों में आग

इधर चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक में डोबाभागू, गल्लागांव और तड़ाग क्षेत्रों में भी जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। दमकल और वन विभाग की टीमों ने प्रभारी अग्निशमन अधिकारी हंसराज सागर के नेतृत्व में देर रात तक मशक्कत कर आग पर काबू पाया।

बढ़ती गर्मी और तेज हवाएं बनी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण पहाड़ी इलाकों में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगलों में आग लगाने या लापरवाही बरतने से बचें और किसी भी आगजनी की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

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