उत्तराखंड में दवाओं की ऑनलाइन होम डिलीवरी पर लग सकती है रोक

उत्तराखंड। उत्तराखंड में जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की होम डिलीवरी पर रोक लग सकती है। राज्य के औषधि विभाग ने इस संबंध में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को पत्र लिखकर जोमैटो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से दवाओं की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।
कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई दवाओं की ऑनलाइन बिक्री अब तेजी से बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग अपनी जरूरत की दवाएं घर बैठे ऐप के माध्यम से मंगा रहे हैं। हालांकि, विभाग का मानना है कि इससे बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाओं की बिक्री, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नकली दवाओं की सप्लाई का खतरा बढ़ रहा है।
विभाग ने जताई चिंता
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि इस विषय में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को औपचारिक सिफारिश भेजी गई है। उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री की निगरानी और नियंत्रण करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
दवा कारोबारियों का भी विरोध
राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर के मेडिकल स्टोर संचालक भी ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ लामबंद हैं। उनका कहना है कि ई-कॉमर्स और क्विक डिलीवरी कंपनियां भारी छूट देकर दवाएं बेच रही हैं, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। उत्तराखंड के 25 हजार से अधिक कैमिस्ट इस हड़ताल में शामिल होंगे। उनका तर्क है कि अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री से न केवल उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि दवा वितरण की पारंपरिक और सुरक्षित प्रणाली भी कमजोर पड़ रही है।




