उत्तराखण्ड

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कार सेवा का ऐलान, कांवड़ मेले के बाद होगी तारीख घोषित: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

हरिद्वार: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद संत समाज श्रीकृष्ण जन्मभूमि के समर्थन में कार सेवा अभियान शुरू करेगा। इसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी और देशभर के विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा इसमें शामिल होंगे।

 

निरंजनी अखाड़े में श्री चित्रगुप्त पीठ, वृंदावन के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद से मुलाकात के दौरान श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अब संत समाज श्रीकृष्ण जन्मभूमि को उसके “वास्तविक स्वरूप” में मुक्त कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उनके अनुसार यह केवल भूमि का नहीं, बल्कि आस्था और अस्मिता से जुड़ा विषय है।

 

उन्होंने बताया कि कार सेवा संतों के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न अखाड़ों के आचार्य, महामंडलेश्वर और संत-महंत भाग लेंगे। कार्यक्रम की तिथि कांवड़ मेला समाप्त होने के बाद घोषित की जाएगी।

 

श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि इस अभियान में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निमंत्रण भेजा जाएगा।

 

वहीं, श्री चित्रगुप्त पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि कांवड़ मेले के बाद अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के साथ विचार-विमर्श कर कार सेवा की अंतिम तिथि तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यात्रा नई दिल्ली स्थित भैरव मंदिर से श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा तक निकाली जाएगी।

 

इस बीच कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित विभागों को 20 जुलाई तक हाईवे, कांवड़ पटरी और आंतरिक मार्गों के निर्माण कार्य पूरे करने तथा 25 जुलाई तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

 

उधर, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका ने हरकी पैड़ी और रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मेला समाप्त होते ही कुंभ से जुड़े निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं। साथ ही धनुष पुल से बैरागी कैंप तक प्रस्तावित ‘आस्था पथ’ के विस्तार कार्य में तेजी लाने और निर्माण के बाद उसके नियमित रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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