बदरीनाथ दान गड़बड़ी मामले में हाई लेवल जांच, सीसीटीवी फुटेज और गिनती प्रक्रिया की पड़ताल

चमोली: बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब तेज हो गई है। शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर दान प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी भी मौजूद रहे।
करीब ढाई से तीन घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान जांच टीम ने दान पेटियों से लेकर नकदी गिनती की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से परीक्षण किया। अधिकारियों ने देखा कि दान पेटियों को किस प्रकार सुरक्षित तरीके से गिनती कक्ष तक पहुंचाया जाता है, वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं, नकदी की गिनती कैसे होती है और इस प्रक्रिया में किन-किन कर्मचारियों एवं बैंक अधिकारियों की भूमिका रहती है।
जांच समिति ने गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी सिस्टम का भी निरीक्षण किया और पुराने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की। साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपी से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रारंभिक निरीक्षण है और जांच अभी जारी रहेगी।
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया कि जांच के अगले चरण में शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर सेल की सहायता भी ली जाएगी, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित की जा सके।
बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच टीम सुबह करीब 11 बजे बदरीनाथ धाम पहुंची थी। इस दौरान अधिकारियों ने दान पेटियों की व्यवस्था, गिनती कक्ष, सीसीटीवी सिस्टम, गर्भगृह से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल और मंदिर की समूची सुरक्षा एवं संचालन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि जांच टीम ने दान की राशि के संग्रहण से लेकर गिनती तक की पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग पहलुओं से परखा और यह जानने का प्रयास किया कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया में कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।




