उत्तराखण्डदेहरादून

देहरादून में अवैध होमस्टे पर डीएम का बड़ा एक्शन, 17 का पंजीकरण निरस्त

देहरादून। जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने होमस्टे संचालन पर बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी साविन बंसल के निर्देश पर की गई जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से विलोपित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

ऑपरेशन सफाई’ के तहत कार्रवाई

जिला प्रशासन ने ‘ऑपरेशन सफाई’ चलाते हुए महज सात दिनों में मजिस्ट्रेट की पांच टीमें गठित कर जांच अभियान चलाया। जांच में सामने आया कि कई होमस्टे होटल की तरह संचालित हो रहे थे और नियमों की अनदेखी कर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।

प्रशासन के अनुसार, कुछ स्थानों पर रातभर अवैध बार संचालन, लाउड डीजे और नशे की गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इन स्थानों पर उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहर रहे थे, जिससे शहर में हुड़दंग, ओवरस्पीडिंग और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही थीं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आमजन की जान से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

सहसपुर और रायपुर क्षेत्र में जांच

डीएम के निर्देशानुसार सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच के लिए क्षेत्रवार समितियां गठित की गईं। निरीक्षण में 17 होमस्टे Uttarakhand Home Stay Rules के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए। संस्तुति के आधार पर इनके पंजीकरण निरस्त किए गए।

जांच में मिलीं प्रमुख अनियमितताएं

कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं मिली।

अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी।

फूड लाइसेंस के बिना संचालन किया जा रहा था।

निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन।

होमस्टे को लीज/किराये पर देकर व्यावसायिक रूप से चलाया जा रहा था।

विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराई गई।

कुछ पंजीकृत होमस्टे संचालित ही नहीं पाए गए।

निरंजनपुर, बल्लूपुर और मसूरी क्षेत्र में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें स्वामित्व परिवर्तन के बावजूद नवीनीकरण न कराना शामिल है।

होमस्टे योजना के उद्देश्य से भटकाव

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है। लेकिन कुछ संचालकों द्वारा इसे होटल या बारातघर की तरह चलाया जाना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया था।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी जांच अभियान जारी रहेगा। सभी होमस्टे संचालकों को नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button