फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में फोरेंसिक जांच की मांग, मंडलायुक्त को सौंपा शिकायत पत्र

सहारनपुर: थाना गंगोह क्षेत्र के ग्राम पंचायत खानपुर गुर्जर में कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त सहारनपुर को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत में जीवित व्यक्तियों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जिससे सरकारी अभिलेखों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मृत्यु प्रमाण पत्रों के आवेदन पत्रों पर मौजूद हस्तलेखन की स्वतंत्र फोरेंसिक विशेषज्ञ से जांच कराई जाए। साथ ही उसका मिलान ग्राम पंचायत सहायक की लिखावट से भी किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आवेदन वास्तव में किसने भरे थे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 4 अगस्त 2026 को थाना गंगोह में दोनों गवाहों द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्रों पर किए गए हस्ताक्षरों की भी वैज्ञानिक जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इन हस्ताक्षरों का मिलान संबंधित अभिलेखों में दर्ज हस्ताक्षरों से कराया जाए, जिससे यह पता चल सके कि हस्ताक्षर वास्तविक हैं या किसी एक व्यक्ति द्वारा किए गए हैं।
ग्रामीणों ने जांच पूरी होने तक मृत्यु प्रमाण पत्रों से संबंधित मूल आवेदन पत्र, शपथ पत्र, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखने की भी मांग की है, ताकि किसी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके।
शिकायतकर्ताओं ने मंडलायुक्त से आग्रह किया है कि किसी सक्षम फोरेंसिक हस्तलेखन विशेषज्ञ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी और सरकारी अभिलेखों की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।




