ईंधन संकट के बीच सरकार की अपील, ऐसे बढ़ाएं वाहन का माइलेज और बचाएं पेट्रोल-डीजल

देहरादून: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ऊर्जा संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि पेट्रोल-डीजल की खपत कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी प्रदेशवासियों से ईंधन बचाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत न केवल आर्थिक दृष्टि से जरूरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए माइलेज बढ़ाने और ईंधन खपत कम करने संबंधी विस्तृत सुझाव जारी किए हैं।
ड्राइविंग स्टाइल में बदलाव से होगी बचत
परिवहन विभाग के अनुसार, वाहन चलाते समय बार-बार तेज गति पकड़ना और अचानक ब्रेक लगाना ईंधन की बर्बादी का बड़ा कारण है। एक्सीलेटर को धीरे-धीरे दबाएं और गति को स्थिर रखें।
सड़क और स्पीड के अनुसार सही गियर का उपयोग करें।
बहुत लो या बहुत हाई गियर में गाड़ी चलाने से इंजन पर दबाव बढ़ता है और फ्यूल ज्यादा खर्च होता है।
ट्रैफिक सिग्नल पर 30 सेकंड से अधिक रुकने की स्थिति में इंजन बंद कर दें।
टायर और वजन का रखें ध्यान
टायरों में सही हवा का दबाव बनाए रखें। कम हवा होने पर ईंधन खपत 5–10% तक बढ़ सकती है।
वाहन में अनावश्यक भारी सामान न रखें। हर 50 किलो अतिरिक्त वजन से लगभग 2% तक ईंधन खपत बढ़ सकती है।
बूट स्पेस को यथासंभव खाली रखें।
एसी और क्रूज़ कंट्रोल का समझदारी से उपयोग
एसी का उपयोग सोच-समझकर करें, क्योंकि यह इंजन की शक्ति का उपयोग करता है और माइलेज घटा सकता है।
एसी चालू होने पर खिड़कियां बंद रखें और पंखे की गति मध्यम रखें।
ऑटोमेटिक वाहनों में हाइवे पर क्रूज़ कंट्रोल का उपयोग करने से 10% तक माइलेज सुधार संभव है।
पहाड़ी या अत्यधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में क्रूज़ कंट्रोल से बचें।
नियमित सर्विसिंग जरूरी
समय-समय पर वाहन की सर्विसिंग कराएं।
एयर फिल्टर, इंजन ऑयल और स्पार्क प्लग की नियमित जांच व बदलाव करें।
गंदा एयर फिल्टर इंजन की कार्यक्षमता घटाता है और ईंधन खपत बढ़ाता है।
कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
एक ही दिशा में जाने वाले लोग कार पूलिंग करें, इससे खर्च और ईंधन दोनों की बचत होगी।
बस, मेट्रो और ट्रेन जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें—यह स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी है।
सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े स्तर पर ईंधन की बचत संभव है। यदि नागरिक जागरूक होकर इन सुझावों को अपनाएं, तो आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।




