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उत्तरकाशी धराली आपदा, 6 दिन बाद मिले 26 लोग, फटे कपड़े, बदहवास हालात, जानिए कैसे हुआ करिश्मा

उत्तरकाशी धराली आपदा, 6 दिन बाद मिले 26 लोग, फटे कपड़े, बदहवास हालात, जानिए कैसे हुआ करिश्मा,

अपने 26 साथियों की तलाशने निकले बीर सिंह का खुशी का ठिकाना नहीं है. क्योंकि, उनके साथ भले ही बदहवास मिले, लेकिन सलामत मिले हैं,

धराली: उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद कई लोग लापता हैं. ऐसे में अपनों की तलाश के लिए परिजन और साथी बेहद चिंतित हैं, जो उनकी सलामती की दुआएं कर रहे हैं. साथ उन्हें खोजने के लिए धराली पहुंच रहे हैं. ऐसे ही एक शख्स बीर सिंह अपने 26 साथियों को ढूंढने निकले थे. उनके लिए आज का दिन बेहद खास है. क्योंकि, उनके सभी साथी सुरक्षित मिल गए हैं,

अपने साथियों को खोजने निकले थे बीर: दरअसल, बीर अपने 26 साथियों को ढूंढने के लिए 8 अगस्त को गंगनानी से निकले थे. 5 अगस्त को जब धराली में आपदा आई तब बीर को पता चला कि उसके 26 साथी मलबा आने के बाद से ही लापता चल रहे हैं. न तो किसी का फोन मिल रहा था और ना ही इन लोगों के बारे में कुछ खबर मिल पा रही थी,

पैदल सफर के दौरान बदहवास से दिख रहे थे बीर: यह सूचना मिलते ही बीर सिंह ये नहीं समझ पा रहे थे कि वो क्या करें. इसके बाद बीर ने पैदल ही धराली पहुंचने का निर्णय लिया,

जान बचाने के लिए ऊंची पहाड़ी पर चले गए थे साथी: बीर सिंह के चेहरे पर एक अलग ही खुशी दिखाई दे रही थी. ऐसा इसलिए क्योंकि बीर के लापता 26 साथी उन्हें एक ऊंची पहाड़ी पर मिल गए थे.जब धराली में आपदा आई तो उनके साथी जान बचाने के लिए एक ऊंची पहाड़ी पर चले गए थे. ये सभी लोग सीमा सड़क संगठन (BRO) के लिए सड़क बनाने में मजदूरी का काम करते हैं,

मेरे साथी जब मुझे मिले तो उनकी हालत बेहद खराब थी. कपड़े भी फटे हुए थे. 5 अगस्त के उस मंजर के कारण उनकी मनोदशा भी ठीक नहीं थी. भगवान की कृपा है कि मेरे सभी 26 लोग जिंदा मिल गए. जबकि, मैंने पूरी तरह से उम्मीद छोड़ दी थी. मुझे लग रहा था कि नदी में आए मलबे में यह सभी दब गए हैं.”- बीर सिंह, श्रमिक

फिर से बीआरओ के लिए सड़क बनाने का करेंगे काम: बीर ने बताया कि सभी 26 लोगों से मिलकर उन्हें सुरक्षित जगह पर भेज दिया है. वो उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने ये भी बताया कि वो अपने बाकी 26 साथियों के साथ फिर से जल्द ही बीआरओ (BRO) के लिए सड़क बनाने के काम में जुट जाएंगे,

 

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