आदि कैलास यात्रा ने तोड़े रिकॉर्ड, 33 दिनों में 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र स्थित आदि कैलास और ऊं पर्वत यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में इस वर्ष जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने के मात्र 33 दिनों के भीतर 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक का एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
एक मई से शुरू हुई यात्रा के तहत अब तक 30,016 यात्रियों को परमिट जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस वर्ष यात्रा अवधि समाप्त होने तक श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हो सकती है।
पीएम मोदी के दौरे के बाद बढ़ा आकर्षण
अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलास पहुंचने के बाद इस धार्मिक और पर्यटन स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली। इसके बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
वर्ष 2024 में करीब चार माह चली यात्रा के दौरान 29,352 श्रद्धालुओं ने आदि कैलास और ऊं पर्वत के दर्शन किए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 36,526 पहुंच गई थी। इस वर्ष शुरुआती आंकड़े ही रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों को मिल रहा रोजगार
आदि कैलास यात्रा सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। टैक्सी संचालन, होमस्टे, होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े 500 से अधिक परिवारों को यात्रा से प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से स्थानीय कारोबार में तेजी आई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
मानसून के दौरान रुकेगी यात्रा
मानसून सीजन के दौरान मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाएगा। इसके बाद सितंबर मध्य से यात्रा दोबारा शुरू होकर 30 अक्टूबर तक संचालित की जाएगी।
आदि कैलास और ऊं पर्वत यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रही है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



