मतदाता सूची पुनरीक्षण में बड़ी उपलब्धि, 97 फीसदी मतदाताओं तक पहुंचा निर्वाचन आयोग

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अभियान के तहत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 8 जून से शुरू हुए इस अभियान में राज्य निर्वाचन विभाग ने 17 जून तक लगभग 97 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब निर्वाचन विभाग का फोकस प्राप्त प्रपत्रों के सत्यापन, डिजिटाइजेशन और ऑनलाइन अपलोडिंग पर है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए प्रदेशभर में बूथ स्तर पर गणना प्रपत्रों का वितरण किया जा रहा है।
पर्वतीय जिलों में 99 फीसदी से अधिक प्रगति
निर्वाचन विभाग के अनुसार रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी, पिथौरागढ़, चमोली और चंपावत जैसे पर्वतीय जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। विभाग ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताया है।
वहीं देहरादून, नैनीताल और अन्य बड़े जिलों में भी अभियान तेजी से जारी है। विभाग का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में गणना प्रपत्र वितरण का कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया जाएगा।
डिजिटाइजेशन और सत्यापन पर विशेष जोर
इस बार निर्वाचन आयोग पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों का सत्यापन कर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बन सके।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में 10 प्रतिशत से अधिक प्रपत्रों का सत्यापन और डिजिटाइजेशन भी किया जा चुका है। कई स्थानों पर बूथ स्तर अधिकारी प्राप्त प्रपत्रों को तत्काल डिजिटल रिकॉर्ड में परिवर्तित कर रहे हैं ताकि अंतिम समय में कार्य का दबाव न बढ़े।
नैनीताल जिले में डिजिटाइजेशन की रफ्तार धीमी
हालांकि डिजिटाइजेशन के मामले में नैनीताल जिला अन्य जिलों की तुलना में कुछ पीछे है। निर्वाचन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जा सकें।
राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विभिन्न दलों ने बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं।
जानकारी के अनुसार भाजपा ने प्रदेशभर में 11 हजार से अधिक बीएलए तैनात किए हैं, जबकि कांग्रेस ने 10 हजार से अधिक बीएलए नियुक्त किए हैं। अन्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने स्तर पर एजेंटों की तैनाती की है।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता से मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनेगी।




