अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर ब्रेक, पारदर्शिता के लिए बनेगी नई नियमावली

देहरादून: उत्तराखंड के अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और मिल रही शिकायतों के बीच फिलहाल शिक्षकों की नियमित भर्ती पर रोक लगा दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वीएन खाली ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
नई नियमावली बनने तक भर्ती पर रोक
उच्च शिक्षा निदेशक के मुताबिक अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। कई मामलों में चहेते अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई नियमावली तैयार की जा रही है। जब तक नई नियमावली तैयार नहीं हो जाती, तब तक नियमित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
अस्थायी व्यवस्था से होगी पढ़ाई
भर्ती पर रोक के दौरान महाविद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंध समितियों को दी गई है।
आदेश के अनुसार, नियमित भर्ती प्रक्रिया स्थगित रहने की अवधि में प्राचार्य और प्रबंध समिति अपने स्तर और खर्चे पर अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से पठन-पाठन जारी रखना सुनिश्चित करेंगे।
कई कॉलेजों में 40 फीसदी से भी कम शिक्षक
वहीं, प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। कुछ महाविद्यालयों में स्वीकृत पदों के मुकाबले 40 फीसदी से भी कम शिक्षक कार्यरत बताए जा रहे हैं। ऐसे में भर्ती पर रोक लगने से पठन-पाठन व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
विभाग का तर्क है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में नियुक्तियों को लेकर किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।
आयोग से भर्ती का प्रस्ताव भी अटका
अशासकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आती रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शासन स्तर पर समिति का गठन किया था।
बताया जा रहा है कि अशासकीय संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती आयोग के माध्यम से कराने का प्रस्ताव भी सामने आया था, लेकिन इस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। अब नई नियमावली बनने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।




