उत्तराखण्ड

2027 से पहले उत्तराखंड कांग्रेस ने अल्पसंख्यक विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 24 उपाध्यक्ष समेत 129 पदाधिकारियों की घोषणा

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग ने अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की है। आगामी विधानसभा चुनाव को मजबूती के साथ लड़ने के लिए अल्पसंख्यक विभाग की ओर से प्रदेश महामंत्री, सचिव, उपाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। विभाग के अनुसार जिला, महानगर और एडवाइजरी कमेटी की घोषणा अभी बाकी है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अली ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पदाधिकारी मिलजुलकर संगठन को मजबूत करने में योगदान देंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लक्ष्य के साथ काम करेंगे।

अल्पसंख्यक विभाग की ओर से फिलहाल 24 उपाध्यक्ष, 34 महासचिव, 65 सचिव, पांच प्रवक्ता और एक सोशल मीडिया प्रभारी की घोषणा की गई है। विभाग का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में टीम बनाकर काम किया जाएगा।

सुलेमान अली ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कई विकास कार्य हुए, जबकि भाजपा सरकार कांग्रेस की ओर से तैयार किए गए संस्थानों और योजनाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के बीच यह मुद्दा उठाएगी कि कांग्रेस सरकारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में क्या काम किए। भाजपा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केवल धार्मिक स्थलों को तोड़ने से प्रदेश में रोजगार या शिक्षा की समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

सुलेमान अली ने पेपर लीक और युवाओं के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवा वर्षों तक मेहनत और तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने सरकार से युवाओं की समस्याओं और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से काम करने की बात कही।

धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर सुलेमान अली ने कहा कि किसी भी धर्म के धार्मिक स्थल को बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया के नहीं तोड़ा जाना चाहिए। यदि कोई निर्माण अवैध है तो उसकी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो कानून के तहत उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उसके परिवार को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मकान तोड़े जाने की कार्रवाई से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो जाती है, इसलिए ऐसी कार्रवाई कानून के दायरे में ही होनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ लड़ेगी। सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा और 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पार्टी पूरी मेहनत और लगन से काम करेगी।

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