मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों पर गरमाई सियासत, मसूरी-विकासनगर में प्रदर्शन

मसूरी/विकासनगर। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। मसूरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मतदाता सूची में वर्षों से दर्ज पात्र मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां लगाए जाने पर सवाल उठाए। वहीं विकासनगर में पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
मसूरी में शहर कांग्रेस कमेटी ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रत्यावेदन देकर मतदाता सूची में दर्ज आपत्तियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई ऐसे लोगों के नामों पर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जो दशकों से मसूरी में रह रहे हैं और लंबे समय से यहां मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य किया जाए। केवल शिकायत या आपत्ति के आधार पर पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाए, बल्कि संबंधित व्यक्ति के निवास और मतदाता पहचान से जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच की जाए।
इसके साथ ही आपत्तियों का पूरा विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराने और बीएलओ व संबंधित स्थानीय सभासद से मतदाता के मसूरी में निवास की पुष्टि कराने की मांग की गई।
स्थानीय निवासी इदरीश अहमद ने कहा कि वर्षों से मसूरी में रह रहे लोगों को अचानक मतदाता सूची से बाहर करने की कोशिश गंभीर मामला है। उन्होंने प्रत्येक आपत्ति की जमीनी स्तर पर जांच कराने की मांग की। दानिश खान और शाहजेब अहमद ने भी मतदाता सूची की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
उधर, विकासनगर में SIR को लेकर कांग्रेस ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवप्रभात की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और फर्जी आपत्तियों के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने प्रशासन से सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच करने और जांच के बाद ही मतदाता सूची में किसी तरह का बदलाव करने की मांग की है।




