केदारनाथ हेली सेवा की नई टिकट बुकिंग जल्द, जून के पहले सप्ताह में खुलेगा स्लॉट

रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। केदारनाथ हेली सेवा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग का दूसरा स्लॉट जून के पहले सप्ताह में खोले जाने की तैयारी चल रही है। इस चरण में 15 जून के बाद की यात्रा के लिए टिकटों की बुकिंग की जाएगी।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ हेली सेवा के पहले चरण की बुकिंग 15 अप्रैल को शुरू की थी। उस दौरान 22 अप्रैल से 15 जून तक की यात्रा के लिए टिकट उपलब्ध कराए गए थे। श्रद्धालुओं में हेली सेवा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला था और बुकिंग शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही 33 हजार से अधिक टिकट बुक हो गए थे।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि 15 जून के बाद की यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए तिथि निर्धारित की जा रही है, जिसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी।
खराब मौसम से प्रभावित हुई केदारनाथ यात्रा
वहीं दूसरी ओर, रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के चलते केदारनाथ यात्रा पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश, तेज आंधी और प्रतिकूल मौसम की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया था। हालांकि दोपहर बाद मौसम में सुधार होने पर यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दे दी गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खराब मौसम और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ सहित सभी राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा लगातार मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी यात्री को जोखिम वाले क्षेत्रों में आगे न भेजा जाए।
इसके अलावा कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मौसम पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही यात्रा को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।
चारधाम यात्रा के दौरान मौसम की चुनौती के बीच प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरत रहा है।




