उत्तराखण्ड

देहरादून में आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

देहरादून : उत्तराखंड एसटीएफ और दून पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टेबाजी कराने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बसंत विहार क्षेत्र से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके तार दुबई से संचालित प्रतिबंधित महादेव एप और रेडीबुक बैटिंग एप से जुड़े बताए जा रहे हैं।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना बसंत विहार क्षेत्र के ऋषि विहार कॉलोनी स्थित एक किराये के फ्लैट से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही है। सूचना के आधार पर बुधवार रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। मौके पर पांच युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खिलाते हुए पकड़े गए।

गिरफ्तार आरोपियों में सुनील शर्मा, संदीप गुप्ता, अकरंद शर्मा और अभिषेक शर्मा (सभी निवासी छत्तीसगढ़) तथा संदीप कुमार (निवासी बिहार) शामिल हैं।

पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन, 22 डेबिट कार्ड, एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर कनेक्शन और ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित डिजिटल सामग्री बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ थाना बसंत विहार में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये ग्राहकों को जोड़ते थे और उन्हें आईपीएल मैचों पर दांव लगवाते थे। जांच के दौरान कई बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन खातों की जांच कर रही है।

जांच में सामने आया कि जिस फ्लैट से सट्टेबाजी संचालित हो रही थी वह हरिद्वार निवासी अंकित कुमार का है, जिसे सुमित यादव ने किराये पर दिलवाया था।

पूछताछ में यह भी पता चला कि गिरोह रेडीबुक बैटिंग एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। आरोपियों को एप की यूजर आईडी और पासवर्ड दिल्ली-गुरुग्राम में रहने वाला सुमित यादव उपलब्ध कराता था, जिसे यह एक्सेस दुबई से मिलता था। इसके बाद आरोपी नए यूजर बनाकर उनसे रकम जमा कराते और ऑनलाइन सट्टा खिलवाते थे।

पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मुख्य सरगना सुमित यादव है। वह पहले महादेव बैटिंग एप और उसके संचालक सौरभ चंद्राकर से भी जुड़ा रहा है। महादेव एप के भारत में प्रतिबंधित होने के बाद उसने रेडीबुक बैटिंग एप के जरिये काम शुरू किया। दोनों एप दुबई से संचालित बताए जा रहे हैं।

पुलिस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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