बिजली-पानी की दरें बढ़ाने के विरोध में हरीश रावत का मौन व्रत, 15 दिन तक नहीं करेंगे राजनीतिक कार्यक्रम

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रस्तावित बिजली और पानी की दरों में बढ़ोतरी के विरोध में मौन व्रत रखा। उन्होंने कहा कि महंगाई से आम जनता पहले ही परेशान है और ऐसे में दरें बढ़ाने की तैयारी लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
हरीश रावत ने कहा कि नवरात्र के अवसर पर उनका यह सांकेतिक मौन व्रत लाखों उपभोक्ताओं को समर्पित है, जो बिजली और पानी की संभावित बढ़ोतरी से पहले ही चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि अभी दरें आधिकारिक रूप से बढ़ी भी नहीं हैं, लेकिन आम लोग आने वाले खर्च को लेकर मानसिक दबाव में हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मां जगदंबा से प्रार्थना करते हुए कहा कि ऐसा मार्ग निकले जिससे जनता पर आर्थिक बोझ कम हो सके। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए, न कि दरों में वृद्धि जैसे फैसले करने चाहिए।
इस अवसर पर हरीश रावत ने घोषणा की कि मौन उपवास के साथ ही वह अगले 15 दिनों तक कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह समय आत्ममंथन का होगा, ताकि भविष्य की रणनीति पर गंभीरता से विचार किया जा सके।



