भारी बारिश से हरिद्वार में बिगड़ी व्यवस्था, स्टेशन के बाहर पेड़ गिरा, रेलवे फाटक हुआ क्षतिग्रस्त

हरिद्वार: भारी बारिश के बीच हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर कई घटनाएं सामने आईं। ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के बाहर रात में एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ की चपेट में आने से बिजली की तारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि घटना के वक्त मौके पर यात्रियों और लोगों की भीड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के बाहर आमतौर पर यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही रहती है। शाम के समय यहां काफी भीड़ रहती है, लेकिन पेड़ गिरने के समय मौके पर यात्रियों की मौजूदगी नहीं थी। पेड़ गिरने से आसपास की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और बिजली की तारें टूटने से क्षेत्र में अंधेरा छा गया।
सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और विशालकाय पेड़ को काटकर छोटे हिस्सों में अलग किया। इसके बाद पेड़ को रास्ते से हटाने का काम शुरू किया गया। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कर्मचारियों की ओर से समय रहते पेड़ हटाए जाने के बाद आवाजाही को सुचारु कराया गया।
वहीं रविवार शाम सीतापुर रेलवे फाटक पर एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से रेलवे फाटक क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत कर क्षतिग्रस्त फाटक की मरम्मत की। इस दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद फाटक को दोबारा चालू कर वाहनों की आवाजाही सामान्य कराई गई।
इसके अलावा भारी बारिश के कारण कुशा घाट के पास स्थित बिजलीघर के कार्यालय की छत भी टपकने लगी। छत से पानी कार्यालय के अंदर आने के कारण वहां काम कर रहे कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। कर्मचारियों में इसको लेकर आक्रोश भी देखने को मिला।
कर्मचारियों का आरोप है कि बिजलीघर के कार्यालय भवन की छत कई वर्षों से जर्जर हालत में है। हर बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है, लेकिन अब तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से जर्जर छत की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।




