CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरभ दास पर POCSO एक्ट के तहत FIR, दिल्ली में भी गिरफ्तारी की मांग

नई दिल्ली/सिलीगुड़ी: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दोनों के खिलाफ POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने भी पुलिस से शिकायत कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
सिलीगुड़ी में POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुई FIR
मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत से हुई। एडवोकेट रिंकी चैटर्जी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और पार्टी के अन्य आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में POCSO Act की धाराएं 13, 14 और 15 के साथ BNS की धारा 153 के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली में भी गिरफ्तारी की मांग
उधर, दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी को लिखित शिकायत सौंपकर अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की मांग की है।
फैजान अंसारी का आरोप है कि महाराष्ट्र के पुणे और औरंगाबाद में CJP समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला किया था। उनका दावा है कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके अपने निजी हितों के लिए ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अभिजीत दीपके ने आरोपों को बताया ‘पब्लिसिटी स्टंट’
अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और लगाए गए आरोपों पर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के मुद्दों पर काम कर रही है और विभिन्न राज्यों में चल रहे छात्र आंदोलनों का समर्थन कर रही है। उन्होंने प्रशासन पर प्रदर्शनकारी छात्रों को टेंट और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आरोपों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




