सरकारी आवास में देरी पर भड़के मंत्री खजान दास, अधिकारियों को लगाई फटकार; CM से शिकायत की चेतावनी

देहरादून | उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्री बने खजान दास एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका सरकारी आवास आवंटन है। समाज कल्याण मंत्री खजान दास सोमवार को रेसकोर्स स्थित विधायक आवास में राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जताते नजर आए।
उन्होंने राज्य सम्पत्ति के अपर सचिव लक्ष्मण सिंह रावत और व्यवस्थाधिकारी रविन्द्र पांडे को अपने आवास पर तलब किया और फाइल में हो रही देरी पर कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने यहां तक कह दिया कि यदि जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने को बाध्य होंगे।
23 मार्च को दिया था आवेदन
मंत्री खजान दास ने बताया कि 20 मार्च को उन्होंने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 23 मार्च को नियमानुसार यमुना कॉलोनी में सरकारी आवास आवंटन के लिए आवेदन राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दिया गया।
उन्होंने कहा कि चार मई तक भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें कौन सा आवास आवंटित किया जा रहा है। उनका स्टाफ लगातार राज्य सम्पत्ति विभाग से संपर्क कर रहा है, लेकिन फाइल की स्थिति को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। सिर्फ यह कहा जा रहा है कि फाइल आगे भेज दी गई है।
इसी पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर उनकी फाइल कहां भेज दी गई है, “नागलोक या स्वर्गलोक?”
सीमित स्थान में चल रहा कार्यालय
मंत्री ने कहा कि रेसकोर्स स्थित विधायक हॉस्टल में उन्हें जो आवास मिला है, वहीं से उनका कार्यालय भी संचालित हो रहा है। जगह सीमित होने के कारण सरकारी कार्यों में दिक्कत आ रही है। मंत्री बनने के बाद उनके पास शिकायतकर्ताओं और आम लोगों की संख्या बढ़ गई है, जिससे वर्तमान व्यवस्था में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सम्पत्ति विभाग सरकारी भवनों से अवैध कब्जे हटाने में ढिलाई बरतता है, जबकि नियम के तहत आवेदन करने वालों को अनावश्यक रूप से लटकाया जाता है। मंत्री ने विभाग को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की नसीहत भी दी।
पहले भी सुर्खियों में रहे
गौरतलब है कि हाल ही में खजान दास तब भी चर्चा में आए थे, जब राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में उनके बेटे की शादी कराए जाने को लेकर विवाद हुआ था। उस मामले में भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी हंगामा हुआ था।
अन्य मंत्रियों को मिल चुके आवास
यमुना कॉलोनी में उनके साथ शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों में मदन कौशिक को आर-07 और राम सिंह कैड़ा को आर-05 आवास आवंटित किए जा चुके हैं, हालांकि दोनों में अभी रिनोवेशन कार्य चल रहा है। वहीं प्रदीप बत्रा हाल ही में अपने सरकारी आवास में गृह प्रवेश कर चुके हैं।
विभाग का पक्ष
मामले में अपर सचिव लक्ष्मण सिंह रावत का कहना है कि संबंधित कोठी की मेंटीनेंस के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अन्य मंत्रियों के आवासों की मरम्मत के आदेश भी दिए जा चुके हैं। जल्द ही आवास सुपुर्द कर दिए जाएंगे, जिससे मंत्रियों को राहत मिलेगी।
मंत्री खजान दास का कहना है कि नाराजगी जताने के बाद विभाग की ओर से यमुना कॉलोनी में आवंटन का भरोसा दिया गया है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों द्वारा फाइल की स्थिति स्पष्ट न करना अत्यंत खेदजनक है।




