उत्तराखण्ड

धराली आपदा की पहली बरसी पर प्रशासन की बड़ी पहल, कल्प केदार मंदिर को मिलेगा नया जीवन

उत्तरकाशी: धराली आपदा की पहली बरसी पर जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के पुनर्वास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य धराली गांव पहुंचे, जहां उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने गत वर्ष 5 अगस्त को आई विनाशकारी आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और ग्रामीणों के साथ मिलकर 101 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

 

धराली पहुंचने पर जिलाधिकारी ने समेश्वर देवता की देवडोली के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में देवडोली से आपदा में मलबे के नीचे दबे प्राचीन एवं ऐतिहासिक कल्प केदार मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त और कार्य प्रारंभ करने की तिथि के संबंध में देववाणी प्राप्त की गई। देववाणी के अनुसार, नवरात्र की पहली तिथि से मंदिर की वास्तविक लोकेशन की खोज और पुनर्स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा। इस घोषणा से ग्रामीणों में लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।

 

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि कल्प केदार मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही मंदिर की मूल स्थिति और वास्तविक स्थान की वैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भू-वैज्ञानिकों की सहायता ली जाएगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि मंदिर का पुनर्निर्माण उसके ऐतिहासिक और धार्मिक स्वरूप के अनुरूप किया जा सके।

 

इस दौरान ग्रामीणों ने भी प्रशासन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मंदिर की खोज और पुनर्निर्माण अभियान में वे श्रमदान सहित हर स्तर पर सहयोग करेंगे। ग्रामीणों के अनुसार, कल्प केदार मंदिर पूरे क्षेत्र की पहचान और आस्था का केंद्र रहा है, इसलिए इसका पुनर्स्थापन सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा विषय है।

 

जिलाधिकारी ने धराली में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बहुउद्देशीय शिविर आयोजित करने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, उद्यान, विद्युत, पेयजल समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं और राहत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

 

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से एसडीआरएफ सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राहत, पुनर्वास और आधारभूत सुविधाओं की बहाली का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन प्रत्येक पात्र प्रभावित परिवार तक राहत और पुनर्वास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

धराली आपदा की पहली बरसी पर श्रद्धांजलि, पौधरोपण और कल्प केदार मंदिर के पुनरुद्धार की घोषणा ने स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगाई है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि मंदिर की खोज और पुनर्निर्माण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होता है, तो इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

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