शिक्षकों के तबादलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई, 7 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट में शिक्षकों के वार्षिक तबादलों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को होगी।
अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के ग्राम डाभर निवासी जीवन सिंह ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मध्य सत्र में शिक्षकों के तबादले किए जाने से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
याचिकाकर्ता ने उत्तराखंड वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 का हवाला देते हुए कहा कि अधिनियम की धारा 23 के तहत वार्षिक तबादलों की प्रक्रिया के लिए समय-सारिणी निर्धारित है। इसके अनुसार तबादला प्रक्रिया 31 मार्च से शुरू होकर 10 जून तक पूरी की जानी है। आरोप है कि इसके बावजूद मध्य सत्र में शिक्षकों के तबादले होने से दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
24 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बड़ी संख्या में दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों ने सुगम क्षेत्रों में तबादले के लिए विकल्प दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग को इन अनुरोधों के आधार पर तबादले की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय मिला है।
याचिका में आशंका जताई गई कि यदि दूरस्थ क्षेत्रों से शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर शिक्षकों की पारस्परिक या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो पहले से कमजोर शिक्षण व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने मामले में सरकार से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने मामले को 7 सितंबर 2026 को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।




