धामी कैबिनेट में 17 प्रस्तावों पर मुहर, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन समेत कई अहम फैसले

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में विकास, रोजगार, परिवहन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 17 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से विभिन्न प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए सात मिशन निर्धारित किए गए हैं। परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को स्वीकृति दी गई। प्रदेश में CNG वाहनों को Green Cess में मिलने वाली छूट जारी रहेगी, जबकि Hybrid वाहनों को दी जा रही राहत वापस लेने का फैसला किया गया है। वहीं अलग-अलग राज्यों की EV Policy का अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए नई Electric Vehicle Policy तैयार करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को मंजूरी दी गई। दवाइयों और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को भी स्वीकृति मिली। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा। हरिद्वार में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के लिए एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।
उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था तीन चरणों में लागू करने पर मुहर लगाई। दूसरे चरण की शुरुआत 9 नवंबर से होगी और वर्ष 2018 तक के कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ देने की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले उपनल कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का फैसला किया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिन पदों पर उपनल कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं, उनके आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों के समायोजन का विकल्प भी रखा गया है।
सेवा से मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता के रूप में अडानी पावर को परियोजना दिए जाने की जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन हो चुका है और परियोजना अडानी पावर द्वारा स्थापित की जाएगी। यह व्यवस्था 25 वर्षों के लिए बताई गई है।
इसके अलावा रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में 116 आवासों से जुड़े मामले में मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया गया। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों को भी मंजूरी मिली। ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को कैबिनेट की स्वीकृति दी गई।
मानसून में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट की कमी वाली पंचायतों और निकायों को बजट उपलब्ध कराया जाएगा। कैबिनेट ने निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश के बाद सड़क मरम्मत का काम शुरू किया जा सके। इसके साथ ही चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीदों के गांवों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा लोकायुक्त सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 और उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का भी फैसला हुआ है।




