उत्तराखंड में सीजनल इन्फ्लुएंजा को लेकर अलर्ट, सभी जिलों को तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश

देहरादून: देश के कुछ राज्यों में सीजनल इन्फ्लुएंजा और श्वसन संबंधी मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को बचाव एवं रोकथाम के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के आधार पर राज्य सरकार ने सभी जिलों को संभावित बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सतर्क रहने और तत्काल रोकथाम की कार्रवाई करने को कहा है। जिलों को नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा करने और इन्फ्लुएंजा व निमोनिया की रोकथाम एवं नियंत्रण से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, बेस अस्पताल, संयुक्त अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी तक सभी चिकित्सा संस्थानों में इन्फ्लुएंजा और निमोनिया के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की व्यवस्था रखने को कहा है। साथ ही पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों, जिसमें Oseltamivir कैप्सूल/सिरप और जरूरी एंटीबायोटिक्स शामिल हैं, की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा PPE किट, N-95 मास्क और VTM वायरल की उपलब्धता के साथ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकने, नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोने और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचने की सलाह दी गई है।
विभाग ने कहा है कि ILI यानी इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी और SARI यानी गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए और केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों का इस्तेमाल किया जाए। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की गई है।
मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर IDSP और स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र (HEOC) उत्तराखंड के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। विभाग ने जिलों को किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल IDSP और HEOC उत्तराखंड को देने के निर्देश दिए हैं।




