कुंभ 2027 की तैयारियों में तेजी, गढ़वाल कमिश्नर ने की हाई लेवल समीक्षा बैठक

हरिद्वार: गढ़वाल मंडल आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार हरिद्वार पहुंचे कमिश्नर आनंद स्वरूप ने कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सीसीआर भवन में आयोजित बैठक में हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कमिश्नर आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले निर्धारित समयसीमा वाले सभी निर्माण कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनजर कमिश्नर ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले से पहले हरिद्वार के होटल, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
कुंभ मेले से जुड़ी इस महत्वपूर्ण बैठक में मेलाधिकारी सोनिका व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। उनकी ओर से अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में बताया गया कि कुंभ मेले के लिए बनाए जा रहे पुलों, गंगा घाटों और अन्य स्थायी निर्माण कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बारिश के बाद रंगाई-पुताई और अस्थायी व्यवस्थाओं से जुड़े कार्य शुरू किए जाएंगे, जिन्हें निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में रेलवे अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस दौरान कुंभ मेले के बजट से ज्वालापुर और मोतीचूर रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर भी विचार-विमर्श किया।
कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ 2027 की तैयारियों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर कार्य पूरा कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।




