उत्तराखण्ड

केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, कई जगह मलबा आने से आवाजाही रोकी गई; रुद्रप्रयाग में 29 सड़कें बंद

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ने लगा है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से आगे दो-तीन स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से गुरुवार सुबह यात्रा मार्ग बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल आवाजाही रोक दी है।

 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। मौके पर वाईएमएफ (YMF), डीडीआरएफ (DDRF) और संबंधित विभागों की टीमें राहत एवं मलबा हटाने के कार्य में जुटी हैं। मौसम अनुकूल होने के बाद मार्ग को दोबारा सुचारु करने का प्रयास किया जाएगा।

 

अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान के करीब

 

लगातार बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार सुबह 7 बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.89 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 626 मीटर से ऊपर और खतरे के निशान 627 मीटर के बेहद करीब है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.90 मीटर रहा, जो 625 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर और 626 मीटर के खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है।

 

24 घंटे में ऊखीमठ में सबसे अधिक बारिश

 

पिछले 24 घंटों में जखोली में 54 मिमी, ऊखीमठ में 38.20 मिमी और रुद्रप्रयाग मुख्यालय में 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण जिले में बादल और घना कोहरा छाया हुआ है। प्रशासन ने नगर पालिका और नगर पंचायतों के माध्यम से लाउडस्पीकर से लोगों को नदी किनारों और बरसाती नालों से दूर रहने की अपील की है।

 

जिले में 29 सड़कें बंद, केदारनाथ हाईवे चार स्थानों पर बाधित

 

भारी बारिश के कारण जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 29 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य मार्ग, लोक निर्माण विभाग की 10 सड़कें, पीएमजीएसवाई की 13 सड़कें और एनपीसीसी की दो सड़कें शामिल हैं।

 

केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-107) मुनकटिया और गौरीकुंड के बीच कई स्थानों पर मलबा आने से बाधित है। सोनप्रयाग के पास एक और गौरीकुंड के निकट तीन स्थानों पर मार्ग बंद है। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर मार्ग को जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा।

 

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