उत्तराखंड को मिली पहली व्हाइट टाइगर की सौगात, देहरादून जू में आएगा सफेद बाघ

देहरादून: उत्तराखंड में पहली बार पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को व्हाइट टाइगर के दीदार हो सकेंगे। वन विभाग के अधिकारियों की लंबे समय से चल रही कोशिशों के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने देहरादून चिड़ियाघर में दो सफेद बाघ लाने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार व्हाइट टाइगर लाने का रास्ता साफ हो गया है।
वन विभाग लंबे समय से देहरादून चिड़ियाघर में सफेद बाघ लाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पहले केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब CZA की ओर से दो व्हाइट टाइगर लाने की सहमति मिलने के बाद विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है।
सबसे पहले ग्वालियर से सफेद बाघ लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि वाइल्डलाइफ वीक तक इसे देहरादून चिड़ियाघर में लाया जा सकेगा। ग्वालियर वन विभाग की ओर से भी इसके लिए मंजूरी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर से करीब दो साल के नर सफेद बाघ को देहरादून लाया जाएगा। इसके बदले देहरादून चिड़ियाघर में मौजूद एक येलो टाइगर ग्वालियर को दिया जाएगा।
CZA की ओर से देहरादून के लिए दो सफेद बाघों की अनुमति दी गई है। इनमें एक बाघ ग्वालियर से और दूसरा उड़ीसा के नंदनकानन से लाने की अनुमति शामिल है। नंदनकानन से भी एक नर सफेद बाघ को देहरादून चिड़ियाघर लाने की अनुमति मिली है।
उड़ीसा से सफेद बाघ लाने के लिए वन विभाग की ओर से पहले भी प्रयास किए गए थे, लेकिन अनुमति नहीं मिल पा रही थी। कई बार CZA ने राज्य के प्रस्ताव पर असहमति जताई थी। अब अनुमति मिलने के बाद उड़ीसा से भी सफेद बाघ लाने का रास्ता खुल गया है।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, “उत्तराखंड के लिए यह सुखद खबर है कि राज्य को पहला व्हाइट टाइगर मिलने जा रहा है। ये उत्तराखंड के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।”
हालांकि, उड़ीसा से आने वाले सफेद बाघ को लेकर अभी वन विभाग की ओर से विशेष तैयारी सामने नहीं आई है। पूर्व में उड़ीसा वन विभाग के साथ हुई बातचीत में एक नर सफेद बाघ के बदले देहरादून चिड़ियाघर से हिमालयन गुरुल का जोड़ा और नैनीताल से रेड पांडा का जोड़ा देने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव पर उत्तराखंड वन विभाग की ओर से भी करीब-करीब सहमति जताई गई थी और इसके बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया था।
वहीं, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से नैनीताल जू के लिए भी अनुमति दी गई है। इसके बाद नैनीताल में एक बड़े चिड़ियाघर के निर्माण का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है। उत्तराखंड में पहली बार व्हाइट टाइगर आने की मंजूरी को वन्यजीव और चिड़ियाघर से जुड़े अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।




