देहरादून में कांग्रेस की गुटबाजी फिर आई सामने, महिला नेता ने महानगर अध्यक्ष का पोस्टर फाड़कर जताया विरोध

देहरादून: विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह और गुटबाजी एक बार फिर सामने आती दिख रही है। वरिष्ठ नेताओं की ओर से पार्टी को एकजुट रखने की नसीहत के बावजूद सामने आई घटनाएं संगठन के लिए चुनौती बढ़ा सकती हैं। कौलागढ़ क्षेत्र में संकल्प यात्रा के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं की कथित अनदेखी से नाराज कांग्रेस ओबीसी विभाग की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पिया थापा ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर गोगी का पोस्टर फाड़कर विरोध जताया।
दरअसल, कांग्रेस की संकल्प यात्रा पिया थापा के क्षेत्र से होकर गुजरी थी। इस यात्रा में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत भी शामिल हुए। पिया थापा का आरोप है कि यात्रा के संबंध में उन्हें और कांग्रेस गोरखा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं स्थानीय निवासी अनिल बस्नेत को कोई जानकारी नहीं दी गई।
पिया थापा का कहना है कि उनके क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित होने के बावजूद महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह की ओर से उन्हें न तो यात्रा के बारे में अवगत कराया गया और न ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। इसी से नाराज होकर वह कांग्रेस भवन पहुंचीं और महानगर अध्यक्ष के पोस्टर को फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
इस घटना के बाद कांग्रेस भवन में पार्टी के भीतर चल रही आपसी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई। वहीं, मामले पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है और प्रदेश नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी उत्तराखंड को पूरी गंभीरता से ले रहा है।
शीशपाल बिष्ट ने कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता ने किसी दूसरे कार्यकर्ता का पोस्टर फाड़ा भी है तो इतने बड़े कांग्रेस परिवार में छोटे-मोटे मनमुटाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पार्टी मामले का संज्ञान लेगी और यदि कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।




