उत्तराखण्ड

वन भूमि विवादों के समाधान के लिए बनेगा एकीकृत फार्मूला, सीएम धामी का बड़ा ऐलान

ऋषिकेश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री पद पर पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के तहत ऋषिकेश पहुंचे सीएम धामी ने वन भूमि से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों और विस्थापित क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) फार्मूला तैयार कर रही है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की समान समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सके।

बापू ग्राम समेत कई क्षेत्रों को मिलेगी राहत

ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने बापू ग्राम की समस्याओं को प्रमुखता से उनके सामने रखा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बापू ग्राम के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य विकास योजनाओं को भी सरकार प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगी।

इन क्षेत्रों के लिए तैयार होगी साझा योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में वन भूमि और विस्थापन से जुड़ी समस्याएं एक जैसी हैं। इनमें बापू ग्राम, बिंदुखत्ता, बग्गा-54 और रामनगर के आसपास के गांव शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों के लिए एक साझा और व्यापक योजना तैयार की जा रही है, जिसे केंद्र सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

केंद्र की मंजूरी के बाद मिलेगा लाभ

सीएम धामी ने कहा कि वन भूमि और विस्थापित क्षेत्रों से जुड़े मामलों में कानूनी और तकनीकी अड़चनें लंबे समय से बनी हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए राज्य सरकार व्यापक प्रस्ताव तैयार कर रही है। केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद हजारों परिवारों को भूमि स्वामित्व के अधिकार और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

नैनीताल में कार्यकर्ताओं का जताया आभार

ऋषिकेश कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भीमताल पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाकर उत्तराखंड की जनता ने वर्षों पुराना राजनीतिक मिथक तोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास की इस यात्रा में जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और विश्वास के कारण उत्तराखंड को विकास की नई दिशा मिली है।

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