रामशंकर हत्याकांड: नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने संभाली जांच, पुलिस जांच पर उठे सवाल

देहरादून/हरिद्वार। हरिद्वार के खानपुर में हुए चर्चित रामशंकर हत्याकांड की जांच अब सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई देहरादून शाखा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
यह मामला दिसंबर 2024 में हुई हत्या से जुड़ा है। डोईवाला निवासी 48 वर्षीय रामशंकर 8 दिसंबर 2024 को लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत पर जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रोबिन, अक्षय, अंकित और एक नाबालिग ने लूटपाट के इरादे से उन्हें पकड़ा था। आरोपियों को रामशंकर की जेब से मात्र 400 रुपये मिले थे।
बताया गया कि जब रामशंकर ने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी और शोर मचाया तो आरोपियों ने घबराकर उनके मुंह पर टेप चिपका दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपियों ने शव को कार में रखकर खानपुर क्षेत्र में बाणगंगा नदी के किनारे चंदपुरी घाट की रेत में दफना दिया। स्थानीय पुलिस ने 13 दिसंबर 2024 को आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद कर हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया था।
मृतक की पत्नी चंद्रलेखा ने पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जांच में गंभीर खामियां और लापरवाही बरती गई है। आरोप है कि पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किए बिना जल्दबाजी में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल 2026 को मामले की आगे की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। अब सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया है और जांच निरीक्षक महेश्वर पुर्वाल को सौंपी गई है।




