नशा तस्करी की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम, पहचान रहेगी गोपनीय; कोकीन पर 2.40 लाख रुपये प्रति किलो तक रिवॉर्ड

देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ती नशा तस्करी और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए अब पुलिस आम लोगों की मदद लेगी। राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध भंडारण, बिक्री और नशे की फैक्ट्रियों की सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना लागू की गई है। खास बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस संबंध में एसटीएफ की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र भेजा गया है। नई व्यवस्था के तहत बरामद होने वाले मादक पदार्थ की मात्रा और उसकी शुद्धता के आधार पर मुखबिर को नकद इनाम दिया जाएगा। अलग-अलग मादक पदार्थों के लिए अलग-अलग इनाम की दर निर्धारित की गई है।
कोकीन की सूचना पर 2.40 लाख रुपये प्रति किलो तक इनाम
निर्धारित दरों के अनुसार कोकीन की बरामदगी से जुड़ी सूचना देने पर 2 लाख 40 हजार रुपये प्रति किलो तक का इनाम दिया जा सकता है। वहीं हेरोइन के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलो, मॉर्फिन और एम्फेटामाइन के लिए 20-20 हजार रुपये प्रति किलो तथा मेथाम्फेटामाइन के लिए भी 20 हजार रुपये प्रति किलो की दर तय की गई है।
इसके अलावा हशीश ऑयल के लिए 10 हजार रुपये, अफीम के लिए 6 हजार रुपये, हशीश के लिए 2 हजार रुपये और गांजा के लिए 600 रुपये प्रति किलो तक इनाम निर्धारित किया गया है। अवैध अफीम और गांजा की खेती की सूचना देकर उसे नष्ट कराने पर 10-10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक इनाम का प्रावधान है।
हालांकि इनाम का वास्तविक भुगतान निर्धारित शर्तों, बरामद मादक पदार्थ की शुद्धता, संबंधित अधिकारी की भूमिका और सक्षम स्तर से मिलने वाली स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा।
अलग-अलग स्तर पर होगी इनाम की मंजूरी
योजना के तहत इनाम की मंजूरी के लिए अलग-अलग स्तर निर्धारित किए गए हैं। कर्मचारी या अधिकारी को 30 हजार रुपये और मुखबिर को 60 हजार रुपये प्रति किलो तक का इनाम आईजी कानून एवं व्यवस्था के स्तर से दिया जा सकता है।
वहीं कर्मचारी या अधिकारी के लिए 30 हजार से एक लाख रुपये और मुखबिर के लिए 60 हजार से दो लाख रुपये तक के इनाम की मंजूरी राज्य स्तरीय समिति देगी। इससे अधिक राशि के मामलों में केंद्रीय रिवॉर्ड कमेटी की ओर से निर्णय लिया जाएगा।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो खुद कार्रवाई न करें
एसटीएफ ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या किसी अवैध नशा फैक्ट्री के संचालन की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। नागरिकों को संदिग्ध स्थान पर खुद जांच करने, परिसर में प्रवेश करने या संदिग्ध लोगों का सामना करने से बचने की सलाह दी गई है।
सूचना देने के लिए एसटीएफ ने 0135-2656202 और 9412029536 नंबर जारी किए हैं। एसटीएफ के मुताबिक सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नशे की अवैध फैक्ट्रियों पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, उत्तराखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिथौरागढ़ के अलावा सेलाकुई, रुड़की, भगवानपुर और कोटद्वार में नशीले पदार्थ तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्रियों का भी खुलासा किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि मुखबिरों से मिलने वाले इनपुट के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नई इनाम योजना का उद्देश्य आम लोगों को भी नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ना है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार संबंधित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और मुखबिर को मिलने वाले इनाम का निर्धारण मादक पदार्थ की शुद्धता की परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि इस योजना से नशे के अवैध कारोबार की सूचना समय पर मिलने में मदद मिलेगी और तस्करों तथा अवैध नशा निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।




