प्रेमनगर एनकाउंटर: लूट, फायरिंग और जंगल में मुठभेड़ के बाद शातिर अपराधी अकरम हुआ ढेर

देहरादून: देहरादून के प्रेम नगर थाना क्षेत्र में 29-30 अप्रैल की दरम्यानी रात हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी अकरम मारा गया। घटना लूट, पीछा, जंगल में फायरिंग और जवाबी कार्रवाई की पूरी श्रृंखला के रूप में सामने आई है।
घटना की शुरुआत: गोली मारकर लूट
रात के समय कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पौंधा रोड पर अज्ञात बदमाशों ने ठेकेदारी का कार्य करने वाले देवराज को गोली मार दी और उसके पास मौजूद बैग लूट लिया। बैग में करीब दो लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, लेन-देन की डायरी और अन्य दस्तावेज थे।
घायल देवराज के अनुसार बदमाश गुजरात नंबर की काले रंग की कार में आए थे और उनकी स्कूटी को रोककर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस का तुरंत एक्शन और पीछा
सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की गई। कुछ दूरी पर पुलिस को संदिग्ध कार जंगल की ओर जाती दिखाई दी, जिसके बाद पीछा तेज कर दिया गया।
जंगल में मुठभेड़ और फायरिंग
पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। खुद को घिरता देख वे कार छोड़कर जंगल की ओर भागे और पुलिस टीम पर लगातार गोलियां चलाते रहे। इस दौरान थाना प्रभारी प्रेमनगर को गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश को गोली लगी और वह घायल हो गया।
अस्पताल में मौत
घायल बदमाश, थाना प्रभारी और लूट के पीड़ित को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया। Coronation Hospital में उपचार के दौरान घायल बदमाश की मृत्यु हो गई।
मृतक की पहचान और आपराधिक इतिहास
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान अकरम पुत्र मासूम अली निवासी ग्राम बूंटा, थाना गढ़ी पुख्ता, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। अकरम पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर एक्ट और शस्त्र अधिनियम सहित एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
सबसे चर्चित मामला वर्ष 2014 का बालावाला हत्याकांड था, जिसमें डकैती के दौरान युवक अंकित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद अकरम करीब तीन वर्ष तक फरार रहा और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वर्ष 2017 में उसे मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया था।
हालिया गतिविधि और नई वारदात
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अकरम 29 अप्रैल को कोर्ट पेशी के सिलसिले में देहरादून आया था। इसी दौरान उसने साथियों के साथ मिलकर रात में लूट की इस वारदात को अंजाम दिया।
बरामदगी
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
01 देसी पिस्टल (32 बोर) व कारतूस
01 देसी तमंचा (315 बोर)
कई जिंदा और खोखा कारतूस
घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (गुजरात नंबर)
लूटी गई पूरी नकदी (2 लाख रुपये), मोबाइल और दस्तावेज
पुलिस पर हमला, मुकदमा दर्ज
घटना के संबंध में प्रेमनगर कोतवाली में लूट और जानलेवा हमले के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में भी अभियोग पंजीकृत किया गया है।
फरार बदमाशों की तलाश जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने मौके और अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फरार बदमाशों की तलाश के लिए जनपद भर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। एसओजी और साइबर सेल की टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं।




