उत्तराखण्ड

फैक्ट्री में नहीं मिला स्टॉक का हिसाब, वन विभाग ने 14.9 टन तारपीन तेल और 17.25 टन बिरोजा किया सील

रुड़की: हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में वन विभाग देहरादून की टीम ने एक फैक्ट्री पर छापेमारी कर भारी मात्रा में तैयार तारपीन का तेल और बिरोजा बरामद किया है। फैक्ट्री में चीड़ की लकड़ी से निकलने वाले लीसे से तारपीन का तेल और बिरोजा तैयार किए जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान स्टॉक और उत्पादन से संबंधित संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग ने तैयार माल को सील कर दिया।

 

वन विभाग की टीम ने रुड़की रेंज के भगवानपुर कस्बा क्षेत्र के रुहालकी दयालपुर गांव स्थित फैक्ट्री में यह कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में मैनेजर और कंपनी का स्वामी मौजूद नहीं थे। मौके पर चार कर्मचारी मिले। टीम ने उनसे फैक्ट्री में मौजूद तैयार माल और उत्पादन से संबंधित अभिलेख मांगे, लेकिन कर्मचारी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

 

हजारों किलो तैयार माल बरामद

 

उप प्रभागीय वन अधिकारी उदय गौड़ के मुताबिक, फैक्ट्री से करीब 14,900 किलोग्राम तैयार तारपीन का तेल और 17,252 किलोग्राम बिरोजा बरामद हुआ है। मौके पर मौजूद स्टॉक का संतोषजनक लेखा-जोखा नहीं मिलने के कारण वन विभाग ने तैयार माल को सील कर दिया है।

 

चीड़ की लकड़ी कहां से आई, होगी जांच

 

अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि फैक्ट्री में तारपीन तेल और बिरोजा तैयार करने के लिए चीड़ की लकड़ी किस डिपो से लाई जा रही थी। इसके अलावा फैक्ट्री में कितनी मात्रा में लकड़ी पहुंची और उससे कितना उत्पादन किया गया, इसका भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

 

विभाग के अनुसार जांच के दौरान यदि निर्धारित मात्रा से अधिक या किसी तरह का अनियमित स्टॉक पाया जाता है तो कंपनी स्वामी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

फैक्ट्री संचालन को लेकर उठे सवाल

 

वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद फैक्ट्री के संचालन और स्टॉक को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और यदि कंपनी के पास वैध लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज हैं तो मौके पर स्टॉक और उत्पादन का पूरा लेखा-जोखा क्यों नहीं मिला। इसके अलावा उत्पादन से जुड़े कार्य के दौरान कंपनी का मैनेजर या स्वामी मौके पर क्यों मौजूद नहीं था।

 

फिलहाल वन विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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