नैनीताल में 10 अप्रैल से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, लोगों को ऑनलाइन और ऐप के जरिए देना होगा जवाब

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में 10 अप्रैल 2026 से डिजिटल जनगणना शुरू होगी। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को पोर्टल (se.census.gov.in) या मोबाइल ऐप के जरिए अपने घर-परिवार और मकान से संबंधित जानकारी भरनी होगी।
दो चरणों में होगी जनगणना
पहला चरण – ऑनलाइन स्व-मूल्यांकन (10 अप्रैल – 24 अप्रैल 2026):
इस दौरान नागरिकों को 33 सवालों के जवाब ऑनलाइन देने होंगे। सवालों में परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान की स्थिति, पानी और शौचालय की सुविधा, रसोईघर, ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वाहन जैसी जानकारियाँ शामिल होंगी।
दूसरा चरण – घर-घर जाकर सत्यापन (25 अप्रैल – 24 मई 2026):
ऑनलाइन जमा की गई जानकारी का सत्यापन प्रगणक करेंगे। हर प्रगणक को लगभग 700–800 लोग या 150–200 घर आवंटित किए जाएंगे। इसमें वन ग्राम, खनन क्षेत्र और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग भी शामिल होंगे।
नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदारी
निगम क्षेत्रों में जनगणना की जिम्मेदारी निगमों को होगी।
पालिका और पंचायत क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से काम किया जाएगा।
हर क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी जनगणना संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे।
नागरिकों से मांगी जाने वाली जानकारी
मकान नंबर और जनगणना मकान नंबर
मकान की दीवार, छत और फर्श की सामग्री
मकान की स्थिति और उपयोग
परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या और मुखिया का विवरण (नाम, लिंग, जाति/जनजाति)
पेयजल, शौचालय, नालियों और स्नानघर की सुविधा
रसोईघर और खाना पकाने के ईंधन की जानकारी
टीवी, इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्टफोन जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं
साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, जीप या वैन
परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज
मोबाइल नंबर (केवल जनगणना सूचना के लिए)
महत्वपूर्ण तिथियाँ
10 अप्रैल – 24 अप्रैल 2026: ऑनलाइन स्व-मूल्यांकन
25 अप्रैल – 24 मई 2026: घर-घर जाकर सत्यापन
जिला जनगणना अधिकारी / एडीएम (वित्त) शैलेन्द्र सिंह नेगी ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर ऑनलाइन जानकारी भरें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
यह जनगणना कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच देशभर में मकान सूचीकरण के अंतर्गत किया जाएगा और यह जनगणना 2027 के लिए आधार तैयार करेगा।




