UPL फाइनल में मासूम शर्मा की प्रस्तुति का विरोध, स्टेडियम के बाहर UKD कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) सीजन-3 के फाइनल के साथ गुरुवार को रायपुर स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में क्लोजिंग सेरेमनी आयोजित की गई। समारोह में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा की प्रस्तुति को लेकर पहले से चल रहा विरोध स्टेडियम के बाहर भी देखने को मिला। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने मासूम शर्मा के कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान UKD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मासूम शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।
मासूम शर्मा को UPL सीजन-3 की क्लोजिंग सेरेमनी में प्रस्तुति के लिए बुलाए जाने के बाद से ही उनके कार्यक्रम को लेकर विरोध सामने आ रहा था। विरोध करने वाले संगठनों ने देहरादून के DAV पीजी कॉलेज में हुए पुराने विवाद का हवाला देते हुए कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति पर आपत्ति जताई थी। अप्रैल 2026 में सामने आए एक वीडियो के मामले में दून पुलिस ने मासूम शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
इसी मामले को लेकर UKD और अन्य संगठनों ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) से मासूम शर्मा की प्रस्तुति रद्द करने की मांग की थी। UKD की ओर से कार्यक्रम के दिन स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई थी।
गुरुवार को UPL फाइनल मुकाबले के दौरान क्लोजिंग सेरेमनी की तैयारियां चल रही थीं, इसी बीच UKD कार्यकर्ता स्टेडियम के बाहर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने मासूम शर्मा के पुराने विवाद का जिक्र करते हुए उनके कार्यक्रम का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान UKD नेता लूसन टोडरिया, प्रमिला रावत समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस बीच आयोजन स्थल पर मुख्यमंत्री के नाम और तस्वीर वाले पोस्टर भी लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी के अभाव में मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी UPL की क्लोजिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होंगे।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उनका प्रदर्शन मासूम शर्मा की प्रस्तुति के खिलाफ था। आयोजन स्थल पर मुख्यमंत्री की तस्वीर और नाम वाले पोस्टर होने के कारण प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे भी सुनाई दिए। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई।




