एचएमटी रानीबाग के कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के दिए निर्देश

नैनीताल। हाईकोर्ट ने एचएमटी रानीबाग के आवासीय परिसर में रह रहे कामगार संघ के सदस्यों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से काटे गए 22 बिजली कनेक्शन दोबारा जुड़ने का रास्ता साफ हो गया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के पास नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि एचएमटी प्रबंधन की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए कर्मचारियों के आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और अगले सात दिनों के भीतर नियमानुसार बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
दरअसल, एचएमटी रानीबाग की फैक्ट्री लंबे समय से बंद पड़ी है, लेकिन उसके आवासीय परिसर में अब भी कर्मचारी रह रहे हैं। परिसर में लगा पुराना ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण वहां बिजली और पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया था। इसी वजह से कर्मचारियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर 1.05 करोड़ का खर्च
मामले की सुनवाई के दौरान एचएमटी लिमिटेड और एचएमटी वॉच लिमिटेड की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि पुराने ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर करीब 1.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंपनी बंद होने और आर्थिक तंगी के कारण प्रबंधन ने ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराने में असमर्थता जताई।
एचएमटी प्रबंधन की ओर से मरम्मत कराने में असमर्थता जताए जाने के बाद अदालत ने कर्मचारियों को यूपीसीएल से सीधे नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने की अनुमति दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूपीसीएल को एचएमटी प्रबंधन की आपत्तियों के कारण कनेक्शन देने की प्रक्रिया रोकनी नहीं चाहिए और आवेदनों पर तय समयसीमा में विचार करना होगा।
20 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। साथ ही एचएमटी कामगार संघ को यूपीसीएल को मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत के आदेश से आवासीय परिसर में रह रहे कर्मचारियों को बिजली संकट से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।




