उत्तराखण्ड

मसूरी मॉल रोड पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हंगामा, पालिका कर्मचारियों ने दर्ज कराई शिकायत

मसूरी: मॉल रोड पर अवैध रूप से पटरी लगाकर कारोबार करने वालों के खिलाफ नगर पालिका परिषद द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर पालिका प्रशासन ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और जब्त सामान ले जा रहे वाहन को भी रोक दिया। घटना के बाद पालिका कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।

 

घटना के विरोध में कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी मसूरी कोतवाली पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर अभियान में बाधा पहुंचाई।

 

जानकारी के अनुसार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन के नेतृत्व में मॉल रोड पर विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। पालिका प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से कुछ लोग नियमों के विरुद्ध देर रात मॉल रोड पर पटरी लगाकर कारोबार कर रहे थे, जिससे यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसी के तहत कार्रवाई की गई।

 

पालिका की ओर से आरोप लगाया गया है कि अभियान के दौरान संजय टम्टा और उनके साथ मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, जब्त सामान ले जा रहे नगर पालिका के वाहन को भी बलपूर्वक रोक दिया गया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

 

नगर पालिका प्रशासन ने यह भी दावा किया है कि घटना से पहले संबंधित व्यक्ति द्वारा एक कर्मचारी को मोबाइल फोन पर धमकी दी गई थी। इस संबंध में ऑडियो रिकॉर्डिंग होने की बात भी कही गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपा जाएगा।

 

पालिका कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रकाश बडोनी ने कहा कि कर्मचारियों को लगातार धमकियां मिल रही हैं और ड्यूटी के दौरान अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन और कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे, जिसका असर शहर की व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।

 

वहीं, मसूरी कोतवाल देवेन्द्र चौहान ने बताया कि नगर पालिका की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने पुलिस को भेजे पत्र में सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों को धमकाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पालिका अध्यक्ष और उपजिलाधिकारी को भी भेजी गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button