Crime Newsउत्तराखण्डउधम सिंह नगरचमोलीताजा ख़बरदेश-विदेशदेहरादूनधार्मिकपिथौरागढ़पौड़ी

उत्तराखंड में लागू है सख्त धर्मांतरण कानून, फिर भी बढ़ रहे आंकड़े, छांगुर बाबा ने फैलाया अपना नेटवर्क, देहरादून पुलिस करेगी जल्द बड़ा खुलासा,

उत्तराखंड में छांगुर बाबा के धर्मांतरण नेटवर्क तलाशने में जुटी पुलिस, जल्द होगा बड़ा खुलासा,

उत्तराखंड में लागू है सख्त धर्मांतरण कानून, फिर भी बढ़ रहे आंकड़े, छांगुर बाबा ने फैलाया अपना नेटवर्क, देहरादून पुलिस करेगी जल्द बड़ा खुलासा,

देहरादून: उत्तर प्रदेश से लेकर कई राज्यों में धर्मांतरण का जाल बिछा चुका जलाउद्दीन उर्फ छांगुर बाबा उत्तराखंड में लोगों को फंसाने की पूरी कोशिश कर रहा था. यही कारण है कि देहरादून के आसपास के इलाकों में वो लगातार धर्मांतरण को लेकर सक्रिय था. एक बार फिर से एक और मामला देहरादून पुलिस के संज्ञान में आया है, जिसे लेकर पुलिस बड़ा खुलासा करने जा रही है,

फैला है छांगुर बाबा का गिरोह: देहरादून के आसपास के इलाकों में छांगुर बाबा कितने लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसा रहा था, इसकी जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन फिलहाल यह दूसरा मामला एक बार फिर से सामने आया है. जहां बताया जा रहा है कि झांगुर गिरोह से जुड़े माइंड वॉश करने वाले लोगों ने देहरादून की एक महिला को अपने चंगुल में पूरी तरह से फंसा लिया था, लेकिन समय रहते देहरादून पुलिस को इसकी जानकारी मिल गई,

वहीं, देहरादून पुलिस ने महिला के संपर्क में आने वाले सभी सोशल मीडिया अकाउंट की पूरी डिटेल निकाली है. उधर, पकड़े गए आरोपी और जिस महिला को बाबा के लोग पहले ही धर्मांतरण के लिए पहला बहला चुके थे, सभी को लेकर पुलिस आगरा के लिए रवाना हो गई है. वहीं, इस फर्जी बाबा की कुंडली भले ही यूपी पुलिस खंगाल रही हो, लेकिन उत्तराखंड में छुपे इसके गुर्गों की तलाश में उत्तराखंड पुलिस भी लगी हुई है,

दून पुलिस के रडार पर कई लोग: देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उनके संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया, वैसे ही उन्होंने इस मामले को लेकर साइबर पुलिस की मदद ली और सभी आईडी को खंगाला गया. उन्होंने बताया कि जल्द ही इस पूरे मामले में और भी खुलासे करने जा रहे हैं. अभी इस पूरे मामले पर इसलिए भी ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कुछ और लोग भी पुलिस की रडार पर हैं,

अन्य लोगों को तलाश रही पुलिस: उत्तराखंड में धर्मांतरण को लेकर पहले ही सरकार बड़े सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में देहरादून एसएसपी अजय सिंह का मानना है कि पुलिस इस मामले में तह तक जाएगी. इसका पता लगाएगी कि आखिरकार धर्मांतरण करने वाले छांगुर बाबा का नेटवर्क उत्तराखंड में कब और कहां से शुरू हुआ था, और कितनी गहराई तक पहुंच चुका था?

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अभी तक सहसपुर निवासी अब्दुल रहमान के अलावा और कितने लोग हैं? जो धर्मांतरण करवाने का काम कर रहे हैं. इस मामले में साइबर पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस की भी मदद ली जा रही है. इस धर्मांतरण मामले में उत्तर प्रदेश की एटीएस ने अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी की है,

रानीपोखरी की एक युवती को बनाया शिकार: बता दें कि छांगुर गैंग ने देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र में 21 साल की युवती को अपने चंगुल में पूरी तरह से फंसा लिया था और लंबे से बाबा का गैंग उस युवती के संपर्क में था. पुलिस ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत 5 लोगों के खिलाफ इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है. इस पूरे प्रकरण में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. एसएसपी का कहना है कि अन्य लोगों की गिरफ्तारी जल्द ही कर ली जाएगी,

उत्तराखंड में लागू है धर्मांतरण कानून, अब तक इतने लोगों पर हुई कार्रवाई: उत्तराखंड में पहले से ही सख्त धर्मांतरण कानून लागू है. उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को जबरन, छल, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव के माध्यम से धर्मांतरण रोकने के लिए लागू किया गया है. इस कानून को साल 2022 में संशोधित कर और सख्त किया गया है,

अगर कोई व्यक्ति धर्मांतरण करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 10 साल की सजा का प्रावधान है. साथ ही उससे जुर्माने की राशि भी वसूली जाएगी. हालांकि, संशोधन के बाद से लगातार पुलिस धर्मांतरण के मामले में कार्रवाई कर रही है. हैरानी की बात ये है कि सख्त धर्मांतरण कानून होने के बावजूद भी उत्तराखंड में ऐसे मामलों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है,

सख्त धर्मांतरण कानून होने के बावजूद भी केस में बढ़ोत्तरी: पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 से लेकर 2025 में अब तक 42 धर्मांतरण के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. जबकि, साल 2020 से लेकर साल 2022 तक प्रदेश में ऐसे केवल 11 मामले दर्ज किए गए थे. सबसे ज्यादा मामले देहरादून में दर्ज किए गए हैं. यहां पर 18 मुकदमे धर्मांतरण के तहत दर्ज हैं,

कैसे फंसाता है छांगुर का गिरोह? छांगुर बाबा के धर्मांतरण का तरीका और टारगेट एक जाल की तरह होता था. सबसे पहले वो असहाय और कमजोर लोगों के साथ ही युवतियों को निशाना बनाते हैं. उन्हें पैसे, अच्छी जिंदगी और सुरक्षा का लालच दिया जाता था. इसके साथ ही प्रेमजाल में फंसा कर उनका धर्मांतरण करवा दिया जाता था,

बताया जा रहा कि शुरुआत में ऐसे लोगों को छोटे से काम के लिए बहुत ज्यादा पैसे देने जैसे लालच भी देते थे. जब युवती पूरी तरह से फंस जाती है. तब उसके साथ इनका गंदा खेल शुरू होता था. लिहाजा, पुलिस भी लगातार लोगों से अपील कर सावधान कर रही है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत न करें. किसी तरह के लालच में न आएं,

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button