देहरादून में जर्जर विद्यालय भवनों पर बड़ी कार्रवाई: 64 में से 56 ध्वस्त, शेष एक माह में हटेंगे

देहरादून।जिला प्रशासन देहरादून ने वर्षों से जर्जर और निष्प्रयोज्य पड़े विद्यालय भवनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए 64 पूर्णतः निर्जीर्ण भवनों में से 56 को ध्वस्त कर दिया है। शेष 8 भवनों को भी एक माह के भीतर ध्वस्त करने की कार्यवाही जारी है। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी को आख्या प्रस्तुत की है।


प्रशासन के अनुसार, जनपद में चिन्हित 64 जर्जर विद्यालय भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया था। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद ध्वस्तीकरण अभियान तेज किया गया। अब तक 4 माध्यमिक तथा 52 प्रारंभिक विद्यालयों के भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पूर्णतः निष्प्रयोज्य कक्षा कक्षों में माध्यमिक विद्यालयों के 7 और प्रारंभिक विद्यालयों के 10 कक्षों में से 14 का ध्वस्तीकरण किया गया है, जबकि शेष 3 कक्षों को एक माह के भीतर हटाया जाएगा।
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार चकराता में 23, कालसी में 17, विकासनगर में 8, सहसपुर में 2, रायपुर में 14 तथा डोईवाला में 17 विद्यालय भवन चिन्हित किए गए थे। अब तक कुल 70 विद्यालय भवनों एवं कक्षों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। कुछ भवनों में तकनीकी अथवा अन्य कारणों से कार्य पूर्ण नहीं हो सका है, जिन 11 आंशिक या पूर्ण रूप से निर्जीर्ण भवनों के लिए शासन से एक माह का अतिरिक्त समय मांगा गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर भवनों को शीघ्र हटाकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि शिक्षण कार्य बाधित न हो और सभी विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहे।
जिला प्रशासन ने कहा है कि जनपद के सभी जर्जर विद्यालय भवनों के विरुद्ध कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेगी और शेष भवनों को भी शीघ्र हटाया जाएगा।




