देहरादून में बीजेपी पार्षद के घर डकैती का खुलासा, नौकर मुख्य आरोपी; नेपाल भागने की आशंका

देहरादून। राजधानी देहरादून के पॉश इलाके बसंत विहार में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य आरोपी घर में काम करने वाला नौकर भरत थापा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस जांच में उसके पूर्व में भी आपराधिक मामले में जेल जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, भरत ने कथित तौर पर पहले खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर पार्षद, उनके पति महीपाल सिंह और बेटे को बेहोश किया। इसके बाद उसने अपने चार साथियों को घर बुलाया। आरोप है कि बदमाशों ने लॉकर तोड़कर नकदी और जेवरात लूटे और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित पार्षद के पति महीपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद उन्हें कब नींद आ गई, इसका पता नहीं चला। रात करीब 1:20 बजे उनकी आंख खुली तो बेडरूम में नौकर और दो अन्य लोग दिखाई दिए। उन्हें घर में लूटपाट होने का अंदाजा हुआ, लेकिन नशीले पदार्थ के असर के कारण वह ठीक से उठ नहीं पा रहे थे। किसी तरह वह पड़ोसी के घर पहुंचे और इशारों में घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, बदमाश एक लॉकर में रखी करीब तीन लाख रुपये की नकदी और दूसरे लॉकर को तोड़कर करीब 30 से 40 लाख रुपये के जेवरात ले गए। पुलिस के अनुसार, भरत थापा को करीब 25 दिन पहले दिल्ली की एक ऑनलाइन प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से घर में काम पर रखा गया था।
परिवार के मुताबिक, पार्षद की बेटी मेघा ने दिल्ली निवासी संजीव से संपर्क किया था, जिसके माध्यम से भरत घर में काम करने आया था। कम समय में ही उसने परिवार का विश्वास हासिल कर लिया। पुलिस के अनुसार, नौकर का स्थानीय पुलिस से सत्यापन भी नहीं कराया गया था।
एसपी सिटी शेखर सुयाल के मुताबिक, पुलिस जांच में सामने आया है कि भरत दिल्ली में भी इसी तरह की डकैती के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद वह अपने देश चला गया था। वहां से लौटने के बाद दूसरी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम हासिल कर देहरादून पहुंचा और पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने भरत को उपलब्ध कराने वाले दिल्ली के प्लेसमेंट एजेंट को भी जांच के दायरे में लिया है। एजेंसी संचालक से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। वहीं, आरोपी के नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।
पुलिस टीमें आरोपी के संपर्क सूत्रों, मोबाइल सर्विलांस और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं। फरार आरोपी और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।




