उत्तराखण्ड

भगवा पहनकर विरोध पर स्वामी रामदेव का बयान, बोले- धर्म का अपमान स्वीकार नहीं

हरिद्वार: पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिन इस वर्ष भी जड़ी-बूटी दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें योगगुरु स्वामी रामदेव सहित हजारों लोगों ने भाग लेकर आचार्य बालकृष्ण को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान स्वामी रामदेव ने आयुर्वेद को सभी चिकित्सा पद्धतियों में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए स्वास्थ्य और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

मीडिया से बातचीत में स्वामी रामदेव ने कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों से शांतिपूर्ण, अनुशासित और नशामुक्त यात्रा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना आस्था, संयम और सात्विक जीवन का प्रतीक है। श्रद्धालुओं को गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए, लेकिन यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या नशे से दूर रहना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि “भगवान शिव स्वयं किसी प्रकार का नशा नहीं करते। भांग, धतूरा या अन्य पदार्थ भगवान को अर्पित किए जाने की परंपरा को गलत तरीके से नहीं समझना चाहिए। सच्ची शिवभक्ति संयम और सदाचार में है।”

 

स्वामी रामदेव ने कहा कि जब प्रत्येक हिंदू में शिवत्व, रामत्व, कृष्णत्व और देवत्व का भाव होगा, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि जातीय, मजहबी और राजनीतिक उन्माद से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मूल्यों से समाज मजबूत होता है।

 

भगवा पहनकर विरोध पर जताई आपत्ति

 

संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि किसी भी धर्म या पंथ के प्रतीकों का राजनीतिक विरोध के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार धार्मिक प्रतीकों का सम्मान सभी को करना चाहिए और राजनीतिक मुद्दों को धर्म से जोड़कर प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी धार्मिक आस्था या प्रतीक का अपमान नहीं होना चाहिए। धार्मिक और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

 

इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, योग साधक और आयुर्वेद प्रेमी मौजूद रहे तथा आचार्य बालकृष्ण के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button