सड़क हादसे में मजदूर की दर्दनाक मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मजदूर की मौत हो गई। देर रात बहनोई के घर से लौटते समय उसका ऑटो वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर को 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दिनेशपुर क्षेत्र निवासी 46 वर्षीय रंजीत विश्वास उर्फ कालू पुत्र मुकुंद विश्वास शर्मा रोड, बिलासपुर (रामपुर) में रहते थे। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। देर रात वह दिनेशपुर स्थित अपने बहनोई के घर से ऑटो वाहन में सवार होकर वापस घर लौट रहे थे।
डिवाइडर से टकराया वाहन
बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे रिंग रोड स्थित बाघवाला रोड पर उनका वाहन अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और रंजीत गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से घायल को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गांव के बीडीसी सदस्य के अनुसार रंजीत विश्वास मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे की उम्र करीब 15 वर्ष, दूसरे बेटे की उम्र 12 वर्ष और सबसे छोटे बच्चे की उम्र करीब 9 वर्ष बताई जा रही है।
रंजीत विश्वास की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलने पर पंतनगर सिडकुल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंतनगर सिडकुल के एसएसआई अनिल मेहता ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से दी जाने वाली तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।



