उत्तराखण्ड

नर्सों की मांगों को लेकर ज्योति रौतेला का अनोखा विरोध: परेड ग्राउंड की टंकी पर चढ़ीं, 48 घंटे का अल्टीमेटम

देहरादून।  नर्सिंग एकता मंच के आंदोलन को सोमवार को उस समय सियासी रंग मिल गया जब प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला आंदोलनकारी नर्सों के समर्थन में परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। संविदा नर्सों के नियमितीकरण समेत कई मांगों पर सरकार की चुप्पी से नाराज रौतेला ने टंकी पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की।

नर्सिंग एकता मंच पिछले एक सप्ताह से परेड ग्राउंड में धरने पर बैठा है। संगठन नियमित नियुक्ति, वेतन विसंगति दूर करने, आउटसोर्स नर्सों को स्थायी करने और जोखिम भत्ता देने की मांग कर रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बाद भी शासन स्तर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला।

सोमवार दोपहर ज्योति रौतेला अचानक धरना स्थल पहुंचीं और नर्सों से बातचीत के बाद सीधे पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा, “कोरोना काल में जान दांव पर लगाने वाली नर्सें आज अपने हक के लिए टंकियों पर चढ़ने को मजबूर हैं। ये सरकार की संवेदनहीनता है।”

रौतेला ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस आंदोलन को सड़क से विधानसभा तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ नर्सिंग स्टाफ के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।

मामले की गंभीरता देखते हुए एसडीएम और सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने टंकी के नीचे से ज्योति रौतेला से वार्ता की और शासन स्तर पर तत्काल बैठक का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे के बाद वे टंकी से नीचे उतरीं।

 

इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नर्सिंग छात्राओं ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

नर्सिंग एकता मंच की मुख्य मांगें:

1. संविदा-आउटसोर्स नर्सों का नियमितीकरण

2. समान कार्य के लिए समान वेतन

3. नर्सिंग के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती

4. नाइट ड्यूटी और जोखिम भत्ता लागू करना

प्रशासन के आश्वासन के बाद भी नर्सिंग एकता मंच ने धरना जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

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