नगरासू-कर्णप्रयाग प्रकरण पर रुद्रप्रयाग में जनआक्रोश सभा, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

रुद्रप्रयाग: नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण और कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में बड़ी जनसभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’, ‘निष्पक्ष जांच करो’ और ‘पहाड़ के सम्मान की रक्षा करो’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
जनसभा में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी, युवा नेता मोहित डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत, अरुण नेगी सहित कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
यूकेडी नेता आशीष नेगी ने कहा कि “जय पहाड़, जय पहाड़ी” केवल नारा नहीं, बल्कि पहाड़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरासू और कर्णप्रयाग की घटनाओं को आपस में जोड़कर मूल मुद्दों को कमजोर करने की कोशिश की गई है, जबकि पहाड़वासियों की भावनाओं और सम्मान से जुड़े मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का मामला नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ के सम्मान और न्याय का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने और समाज में विश्वास कायम रखने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
वहीं युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा कि कानून और संविधान सबके लिए समान हैं। किसी भी प्रकार की अराजकता, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट है।
नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत ने भी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नगरासू प्रकरण को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। लोकतंत्र में जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए।
यूकेडी नेता अरुण नेगी ने कहा कि पहाड़ के लोगों की उपेक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
जनसभा के अंत में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में दोनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।



